कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना २५ / २०४ № 25 of 204 रचना २५ / २०४
३० दिसम्बर २०१३ 30 December 2013 ३० दिसम्बर २०१३

और मौसम अचानक सुहाना हुआ aur mausam achaanak suhaanaa huaa और मौसम अचानक सुहाना हुआ

तुमसे नज़रें मिलीं, मन मिलाना हुआ।

और मौसम अचानक सुहाना हुआ।

साथ जीने के,

मरने के वादे हुए

एक छोटा सुखद आशियाना हुआ।

वक्त चलता रहा,

दिन गुजरते रहे

प्यार का वो नशा कुछ पुराना हुआ।

रंग बदले तुम्हारे,

हुई दंग मैं

दूर रहने का हर दिन बहाना हुआ।

तुम तो ऐसे न थे,

बेवफा किसलिए

मेरे दिल से अलग भी ठिकाना हुआ।

खिलखिलाते वे दिन,

हँस-हँसाते वे दिन

तुम तो भूले,

न मुझसे भुलाना हुआ।

लौट आओ तुम्हें, ‘कल्पना’ है कसम

मान लूँगी कि जो भी हुआ,

ना हुआ।

-कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

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-कल्पना रामानी

tumase nazaren mileen, man milaanaa huaa

·

aur mausam achaanak suhaanaa huaa

·

saath jeene ke,

marane ke waade hue

·

ek chotaa sukhad aashiyaanaa huaa

·

wakt chalataa rahaa,

din gujarate rahe

·

pyaar kaa wo nashaa kuch puraanaa huaa

·

rang badale tumhaare,

huee dang main

·

door rahane kaa har din bahaanaa huaa

·

tum to aise n the,

bewaphaa kisalie

·

mere dil se alag bhee thikaanaa huaa

·

khilakhilaate we din,

hans-hansaate we din

·

tum to bhoole,

n mujhase bhulaanaa huaa

·

laut aao tumhen, ‘kalpanaa’ hai kasam

·

maan loongee ki jo bhee huaa,

naa huaa

·

-kalpanaa raamaanee protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

तुमसे नज़रें मिलीं, मन मिलाना हुआ।

और मौसम अचानक सुहाना हुआ।

साथ जीने के,

मरने के वादे हुए

एक छोटा सुखद आशियाना हुआ।

वक्त चलता रहा,

दिन गुजरते रहे

प्यार का वो नशा कुछ पुराना हुआ।

रंग बदले तुम्हारे,

हुई दंग मैं

दूर रहने का हर दिन बहाना हुआ।

तुम तो ऐसे न थे,

बेवफा किसलिए

मेरे दिल से अलग भी ठिकाना हुआ।

खिलखिलाते वे दिन,

हँस-हँसाते वे दिन

तुम तो भूले,

न मुझसे भुलाना हुआ।

लौट आओ तुम्हें, ‘कल्पना’ है कसम

मान लूँगी कि जो भी हुआ,

ना हुआ।

-कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

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-कल्पना रामानी

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗