नए साल में nae saal men नए साल में
खुशियों की नव-ज्योत जगाएँ, नए साल में।
उत्सव मिलकर आज मनाएँ, नए साल में।
कल खोया तो, अब पाने को, डटे रहें हम
भूल पुराना नव अपनाएँ, नए साल में।
काल न रोके कभी रुका, यह सत्य सनातन
साथ उसी के बढ़ते जाएँ, नए साल में।
पुनः जोश से हिम्मत का कर थाम निडर हो
अविजय को जय करके आएँ, नए साल में।
रात उजालों से हारी, हैं सदियाँ साक्षी
तमस काट नव-दीप जलाएँ, नए साल में।
धार इरादों की तीखी हो, प्रण हों पुख्ता
काँटों में भी राह बनाएँ, नए साल में।
शुभ कर्मों से हासिल कर सम्मान "कल्पना"
भारत माँ की शान बढ़ाएँ, नए साल में।
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी
khushiyon kee naw-jyot jagaaen, nae saal men
utsaw milakar aaj manaaen, nae saal men
kal khoyaa to, ab paane ko, date rahen ham
bhool puraanaa naw apanaaen, nae saal men
kaal n roke kabhee rukaa, yah saty sanaatan
saath usee ke bढ़te jaaen, nae saal men
punah josh se himmat kaa kar thaam nidar ho
awijay ko jay karake aaen, nae saal men
raat ujaalon se haaree, hain sadiyaan saakshee
tamas kaat naw-deep jalaaen, nae saal men
dhaar iraadon kee teekhee ho, pran hon pukhtaa
kaanton men bhee raah banaaen, nae saal men
shubh karmon se haasil kar sammaan "kalpanaa"
bhaarat maan kee shaan bढ़aaen, nae saal men
-kalpanaa raamaanee
protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar
punah padhaarie
-kalpanaa raamaanee
खुशियों की नव-ज्योत जगाएँ, नए साल में।
उत्सव मिलकर आज मनाएँ, नए साल में।
कल खोया तो, अब पाने को, डटे रहें हम
भूल पुराना नव अपनाएँ, नए साल में।
काल न रोके कभी रुका, यह सत्य सनातन
साथ उसी के बढ़ते जाएँ, नए साल में।
पुनः जोश से हिम्मत का कर थाम निडर हो
अविजय को जय करके आएँ, नए साल में।
रात उजालों से हारी, हैं सदियाँ साक्षी
तमस काट नव-दीप जलाएँ, नए साल में।
धार इरादों की तीखी हो, प्रण हों पुख्ता
काँटों में भी राह बनाएँ, नए साल में।
शुभ कर्मों से हासिल कर सम्मान "कल्पना"
भारत माँ की शान बढ़ाएँ, नए साल में।
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी