कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना १३ / २०५ № 13 of 205 रचना १३ / २०५
३१ अगस्त २०१३ 31 August 2013 ३१ अगस्त २०१३

आज हैं आज़ाद हम//ग़ज़ल// aaj hain aazaad ham//gazal// आज हैं आज़ाद हम//ग़ज़ल//

कह रहीं बहती हवाएँ, आज हैं आज़ाद

हम।

॥

देशप्रेमी साथ गाएँ, आज हैं आज़ाद

हम।

॥

सीढ़ियाँ स्वधीनता की, किस तरह से तय

हुईं

॥

बाल बच्चों को सुनाएँ, आज हैं आज़ाद

हम।

॥

मुश्किलों के व्यूह

तोड़ें, जोश हो अभिमन्यु सा

॥

बन के अर्जुन लक्ष्य

पाएँ, आज हैं आज़ाद हम।

॥

हम अगर चाहें तो हर, नदिया की धारा

मोड दें

॥

पास साहिल को बुलाएँ, आज हैं आज़ाद

हम।

॥

याद हों राणा, शिवा, बिस्मिल, भगत, गाँधी, सुभाष

॥

शीश श्रद्धा से झुकाएँ, आज हैं आज़ाद

हम।

॥

सींच दें कण-कण धरा का, बादलों को

बाँधके

॥

नित नया सूरज उगाएँ, आज हैं आज़ाद

हम।

॥

देश का उत्थान हो, जड़ से दमन

आतंक का

॥

शत्रु को दोज़ख दिखाएँ, आज हैं आज़ाद

हम।

॥

बैर देशी से करे जो, गैर कह

दुत्कार दें

॥

मान हिन्दी का बढ़ाएँ, आज हैं आज़ाद

हम।

॥

हर शिखर तानें तिरंगा, और पावन पर्व

ये

॥

गर्व से मिलकर मनाएँ, आज हैं आज़ाद

हम।

॥

-कल्पना रामानी

॥

//अनुभूति में प्रकाशित//प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

॥

-कल्पना रामानी

kah raheen bahatee hawaaen, aaj hain aazaad

ham

·

deshapremee saath gaaen, aaj hain aazaad

ham

·

seeढ़iyaan svadheenataa kee, kis tarah se tay

hueen

·

baal bachchon ko sunaaen, aaj hain aazaad

ham

·

mushkilon ke wyooh

toden, josh ho abhimanyu saa

·

ban ke arjun lakshy

paaen, aaj hain aazaad ham

·

ham agar chaahen to har, nadiyaa kee dhaaraa

mod den

·

paas saahil ko bulaaen, aaj hain aazaad

ham

·

yaad hon raanaa, shiwaa, bismil, bhagat, gaandhee, subhaash

·

sheesh shraddhaa se jhukaaen, aaj hain aazaad

ham

·

seench den kan-kan dharaa kaa, baadalon ko

baandhake

·

nit nayaa sooraj ugaaen, aaj hain aazaad

ham

·

desh kaa utthaan ho, jad se daman

aatank kaa

·

shatru ko dozakh dikhaaen, aaj hain aazaad

ham

·

bair deshee se kare jo, gair kah

dutkaar den

·

maan hindee kaa bढ़aaen, aaj hain aazaad

ham

·

har shikhar taanen tirangaa, aur paawan parv

ye

·

garv se milakar manaaen, aaj hain aazaad

ham

·

-kalpanaa raamaanee

·

//anubhooti men prakaashit//protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

कह रहीं बहती हवाएँ, आज हैं आज़ाद

हम।

॥

देशप्रेमी साथ गाएँ, आज हैं आज़ाद

हम।

॥

सीढ़ियाँ स्वधीनता की, किस तरह से तय

हुईं

॥

बाल बच्चों को सुनाएँ, आज हैं आज़ाद

हम।

॥

मुश्किलों के व्यूह

तोड़ें, जोश हो अभिमन्यु सा

॥

बन के अर्जुन लक्ष्य

पाएँ, आज हैं आज़ाद हम।

॥

हम अगर चाहें तो हर, नदिया की धारा

मोड दें

॥

पास साहिल को बुलाएँ, आज हैं आज़ाद

हम।

॥

याद हों राणा, शिवा, बिस्मिल, भगत, गाँधी, सुभाष

॥

शीश श्रद्धा से झुकाएँ, आज हैं आज़ाद

हम।

॥

सींच दें कण-कण धरा का, बादलों को

बाँधके

॥

नित नया सूरज उगाएँ, आज हैं आज़ाद

हम।

॥

देश का उत्थान हो, जड़ से दमन

आतंक का

॥

शत्रु को दोज़ख दिखाएँ, आज हैं आज़ाद

हम।

॥

बैर देशी से करे जो, गैर कह

दुत्कार दें

॥

मान हिन्दी का बढ़ाएँ, आज हैं आज़ाद

हम।

॥

हर शिखर तानें तिरंगा, और पावन पर्व

ये

॥

गर्व से मिलकर मनाएँ, आज हैं आज़ाद

हम।

॥

-कल्पना रामानी

॥

//अनुभूति में प्रकाशित//प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

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॥

-कल्पना रामानी

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗