कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ५१ / २०४ № 51 of 204 रचना ५१ / २०४
१० अगस्त २०१४ 10 August 2014 १० अगस्त २०१४

प्यार रेशमी डोरी में pyaar reshamee doree men प्यार रेशमी डोरी में

छिपा हुआ रक्षाबंधन का, सार रेशमी

डोरी में।

गुंथा हुआ भाई बहना का, प्यार रेशमी

डोरी में।

कहीं बसे बेटी लेकिन, हर साल मायके

आ जाती,

सजी धजी लेकर सारा, अधिकार रेशमी

डोरी में।

बड़ा सबल होता यह

रिश्ता, स्वस्थ भाव, बंधन पावन,

गहन विचारों का होता, आधार रेशमी

डोरी में।

विदा बहन होती जब कोई, एक वायदा ले

जाती,

जुड़े रहेंगे मन के

सारे, तार रेशमी डोरी में।

विनय यही, हों दृढ़ जीवन

में, ये सदैव रिश्ते नाते,

रहे चमकता सतरंगी, संसार रेशमी

डोरी में।

------कल्पना रामानी

प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

-कल्पना रामानी

chipaa huaa rakshaabandhan kaa, saar reshamee

doree men

·

gunthaa huaa bhaaee bahanaa kaa, pyaar reshamee

doree men

·

kaheen base betee lekin, har saal maayake

aa jaatee,

·

sajee dhajee lekar saaraa, adhikaar reshamee

doree men

·

badaa sabal hotaa yah

rishtaa, svasth bhaaw, bandhan paawan,

·

gahan wichaaron kaa hotaa, aadhaar reshamee

doree men

·

widaa bahan hotee jab koee, ek waayadaa le

jaatee,

·

jude rahenge man ke

saare, taar reshamee doree men

·

winay yahee, hon driiढ़ jeewan

men, ye sadaiw rishte naate,

·

rahe chamakataa satarangee, sansaar reshamee

doree men

·

------kalpanaa raamaanee

·

protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

छिपा हुआ रक्षाबंधन का, सार रेशमी

डोरी में।

गुंथा हुआ भाई बहना का, प्यार रेशमी

डोरी में।

कहीं बसे बेटी लेकिन, हर साल मायके

आ जाती,

सजी धजी लेकर सारा, अधिकार रेशमी

डोरी में।

बड़ा सबल होता यह

रिश्ता, स्वस्थ भाव, बंधन पावन,

गहन विचारों का होता, आधार रेशमी

डोरी में।

विदा बहन होती जब कोई, एक वायदा ले

जाती,

जुड़े रहेंगे मन के

सारे, तार रेशमी डोरी में।

विनय यही, हों दृढ़ जीवन

में, ये सदैव रिश्ते नाते,

रहे चमकता सतरंगी, संसार रेशमी

डोरी में।

------कल्पना रामानी

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-कल्पना रामानी

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗