कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
सभी रचनाएँ All writings सभ रचनाऊं
कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ५२ / २०५ № 52 of 205 रचना ५२ / २०५
१० अगस्त २०१४ 10 August 2014 १० अगस्त २०१४

प्यार रेशमी डोरी में pyaar reshamee doree men प्यार रेशमी डोरी में

छिपा हुआ रक्षाबंधन का, सार रेशमी

डोरी में।

॥

गुंथा हुआ भाई बहना का, प्यार रेशमी

डोरी में।

॥

कहीं बसे बेटी लेकिन, हर साल मायके

आ जाती,

॥

सजी धजी लेकर सारा, अधिकार रेशमी

डोरी में।

॥

बड़ा सबल होता यह

रिश्ता, स्वस्थ भाव, बंधन पावन,

॥

गहन विचारों का होता, आधार रेशमी

डोरी में।

॥

विदा बहन होती जब कोई, एक वायदा ले

जाती,

॥

जुड़े रहेंगे मन के

सारे, तार रेशमी डोरी में।

॥

विनय यही, हों दृढ़ जीवन

में, ये सदैव रिश्ते नाते,

॥

रहे चमकता सतरंगी, संसार रेशमी

डोरी में।

॥

------कल्पना रामानी

॥

प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

॥

-कल्पना रामानी

chipaa huaa rakshaabandhan kaa, saar reshamee

doree men

·

gunthaa huaa bhaaee bahanaa kaa, pyaar reshamee

doree men

·

kaheen base betee lekin, har saal maayake

aa jaatee,

·

sajee dhajee lekar saaraa, adhikaar reshamee

doree men

·

badaa sabal hotaa yah

rishtaa, svasth bhaaw, bandhan paawan,

·

gahan wichaaron kaa hotaa, aadhaar reshamee

doree men

·

widaa bahan hotee jab koee, ek waayadaa le

jaatee,

·

jude rahenge man ke

saare, taar reshamee doree men

·

winay yahee, hon driiढ़ jeewan

men, ye sadaiw rishte naate,

·

rahe chamakataa satarangee, sansaar reshamee

doree men

·

------kalpanaa raamaanee

·

protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

छिपा हुआ रक्षाबंधन का, सार रेशमी

डोरी में।

॥

गुंथा हुआ भाई बहना का, प्यार रेशमी

डोरी में।

॥

कहीं बसे बेटी लेकिन, हर साल मायके

आ जाती,

॥

सजी धजी लेकर सारा, अधिकार रेशमी

डोरी में।

॥

बड़ा सबल होता यह

रिश्ता, स्वस्थ भाव, बंधन पावन,

॥

गहन विचारों का होता, आधार रेशमी

डोरी में।

॥

विदा बहन होती जब कोई, एक वायदा ले

जाती,

॥

जुड़े रहेंगे मन के

सारे, तार रेशमी डोरी में।

॥

विनय यही, हों दृढ़ जीवन

में, ये सदैव रिश्ते नाते,

॥

रहे चमकता सतरंगी, संसार रेशमी

डोरी में।

॥

------कल्पना रामानी

॥

प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

॥

-कल्पना रामानी

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗