फूलों से खुशबू लेकर phoolon se khushaboo lekar फूलों से खुशबू लेकर
फूलों
से खुशबू लेकर खिलने का वादा।
खुद से कर लो जीवन भर हँसने का वादा।
बन आँसू बोझिल हों पलकें अगर तुम्हारी
बुझे पलों से करो पुलक बनने का वादा।
करना
होगा अगम जलधि की जलधारा से
मझधारा में कभी नहीं फँसने का वादा।
चलते-चलते
पाँव फिसलने लगते हों यदि
करो उस जगह कभी न पग धरने का वादा।
आँख
दिखाती जीवन-पथ की चट्टानों को
चूर चूर कर हो आगे बढ़ने का वादा।
टूटे
यह अनुबंध तुम्हारा कभी न खुद से
वादों पर हो सदा अडिग चलने का वादा।
फिर-फिर
मिलता नहीं “कल्पना” मानव-जीवन
मन से हो इंसान बने रहने का वादा।
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी
phoolon
se khushaboo lekar khilane kaa waadaa
khud se kar lo jeewan bhar hansane kaa waadaa
ban aansoo bojhil hon palaken agar tumhaaree
bujhe palon se karo pulak banane kaa waadaa
karanaa
hogaa agam jaladhi kee jaladhaaraa se
majhadhaaraa men kabhee naheen phansane kaa waadaa
chalate-chalate
paanv phisalane lagate hon yadi
karo us jagah kabhee n pag dharane kaa waadaa
aankh
dikhaatee jeewan-path kee chattaanon ko
choor choor kar ho aage bढ़ne kaa waadaa
toote
yah anubandh tumhaaraa kabhee n khud se
waadon par ho sadaa adig chalane kaa waadaa
phir-phir
milataa naheen “kalpanaa” maanaw-jeewan
man se ho insaan bane rahane kaa waadaa
-kalpanaa raamaanee
protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar
punah padhaarie
-kalpanaa raamaanee
फूलों
से खुशबू लेकर खिलने का वादा।
खुद से कर लो जीवन भर हँसने का वादा।
बन आँसू बोझिल हों पलकें अगर तुम्हारी
बुझे पलों से करो पुलक बनने का वादा।
करना
होगा अगम जलधि की जलधारा से
मझधारा में कभी नहीं फँसने का वादा।
चलते-चलते
पाँव फिसलने लगते हों यदि
करो उस जगह कभी न पग धरने का वादा।
आँख
दिखाती जीवन-पथ की चट्टानों को
चूर चूर कर हो आगे बढ़ने का वादा।
टूटे
यह अनुबंध तुम्हारा कभी न खुद से
वादों पर हो सदा अडिग चलने का वादा।
फिर-फिर
मिलता नहीं “कल्पना” मानव-जीवन
मन से हो इंसान बने रहने का वादा।
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी