रात आई रात रानी ख्वाब में raat aaee raat raanee khvaab men रात आई रात रानी ख्वाब में
सो रही थी नींद में
मैं बेखबर
रात आई रातरानी
ख्वाब में।
बंद खिड़की थी अचानक
खुल गई।
मंद सी खुशबू हवा
में
घुल गई।
साथ उसके मन बना
पाखी उड़ा,
याद बीती, बन सखी
मिल जुल गई।
गंध बिछड़े गाँव की
करके सफर
आ गई बरसों
पुरानी
ख्वाब में।
बेफिकर थे वे दिवस
कितने भले।
बालपन, यौवन,
पुलक&
so rahee thee neend men
main bekhabar
raat aaee raataraanee
khvaab men
band khidakee thee achaanak
khul gaee
mand see khushaboo hawaa
men
ghul gaee
saath usake man banaa
paakhee udaa,
yaad beetee, ban sakhee
mil jul gaee
gandh bichade gaanv kee
karake saphar
aa gaee barason
puraanee
khvaab men
bephikar the we diwas
kitane bhale
baalapan, yauwan,
pulak&
सो रही थी नींद में
मैं बेखबर
रात आई रातरानी
ख्वाब में।
बंद खिड़की थी अचानक
खुल गई।
मंद सी खुशबू हवा
में
घुल गई।
साथ उसके मन बना
पाखी उड़ा,
याद बीती, बन सखी
मिल जुल गई।
गंध बिछड़े गाँव की
करके सफर
आ गई बरसों
पुरानी
ख्वाब में।
बेफिकर थे वे दिवस
कितने भले।
बालपन, यौवन,
पुलक&