कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ८५ / १६३ № 85 of 163 रचना ८५ / १६३
४ दिसम्बर २०१४ 4 December 2014 ४ दिसम्बर २०१४

रात आई रात रानी ख्वाब में raat aaee raat raanee khvaab men रात आई रात रानी ख्वाब में

सो रही थी नींद में

मैं बेखबर

रात आई रातरानी

ख्वाब में।

बंद खिड़की थी अचानक

खुल गई।

मंद सी खुशबू हवा

में

घुल गई।

साथ उसके मन बना

पाखी उड़ा,

याद बीती, बन सखी

मिल जुल गई।

गंध बिछड़े गाँव की

करके सफर

आ गई बरसों

पुरानी

ख्वाब में।

बेफिकर थे वे दिवस

कितने भले।

बालपन, यौवन,

पुलक&

so rahee thee neend men

main bekhabar

·

raat aaee raataraanee

·

khvaab men

·

band khidakee thee achaanak

·

khul gaee

·

mand see khushaboo hawaa

men

·

ghul gaee

·

saath usake man banaa

·

paakhee udaa,

·

yaad beetee, ban sakhee

·

mil jul gaee

·

gandh bichade gaanv kee

karake saphar

·

aa gaee barason

puraanee

·

khvaab men

·

bephikar the we diwas

·

kitane bhale

·

baalapan, yauwan,

pulak&

सो रही थी नींद में

मैं बेखबर

रात आई रातरानी

ख्वाब में।

बंद खिड़की थी अचानक

खुल गई।

मंद सी खुशबू हवा

में

घुल गई।

साथ उसके मन बना

पाखी उड़ा,

याद बीती, बन सखी

मिल जुल गई।

गंध बिछड़े गाँव की

करके सफर

आ गई बरसों

पुरानी

ख्वाब में।

बेफिकर थे वे दिवस

कितने भले।

बालपन, यौवन,

पुलक&

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗