कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ७० / १६४ № 70 of 164 रचना ७० / १६४
२० जून २०१४ 20 June 2014 २० जून २०१४

खुद थामो पतवार बेटियों... khud thaamo patawaar betiyon खुद थामो पतवार बेटियों...

खुद थामो पतवार,

॥

बेटियों, नाव बचानी है।

॥

मझधारे से तार,

॥

तीर तक लेकर जानी

है।

॥

यह समाज बैठा है

तत्पर।

॥

गहराई तक घात लगाकर।

॥

तुम्हें घेरकर चट

कर लेगा,

॥

मगरमच्छ ये पूर्ण

निगलकर।

॥

हो जाए लाचार,

॥

इस तरह, जुगत भिड़ानी है।

॥

यह सैय्याद

कुटिलतम कातिल।

॥

वसन श्वेत, रखता काला दिल।

॥

उग्र रूप वो धरो

बेटियों,

॥

झुके तुम्हारे

khud thaamo patawaar,

·

betiyon, naaw bachaanee hai

·

majhadhaare se taar,

·

teer tak lekar jaanee

hai

·

yah samaaj baithaa hai

tatpar

·

gaharaaee tak ghaat lagaakar

·

tumhen gherakar chat

kar legaa,

·

magaramachch ye poorn

nigalakar

·

ho jaae laachaar,

·

is tarah, jugat bhidaanee hai

·

yah saiyyaad

kutilatam kaatil

·

wasan shvet, rakhataa kaalaa dil

·

ugr roop wo dharo

betiyon,

·

jhuke tumhaare

खुद थामो पतवार,

॥

बेटियों, नाव बचानी है।

॥

मझधारे से तार,

॥

तीर तक लेकर जानी

है।

॥

यह समाज बैठा है

तत्पर।

॥

गहराई तक घात लगाकर।

॥

तुम्हें घेरकर चट

कर लेगा,

॥

मगरमच्छ ये पूर्ण

निगलकर।

॥

हो जाए लाचार,

॥

इस तरह, जुगत भिड़ानी है।

॥

यह सैय्याद

कुटिलतम कातिल।

॥

वसन श्वेत, रखता काला दिल।

॥

उग्र रूप वो धरो

बेटियों,

॥

झुके तुम्हारे

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗