कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ३२ / १६३ № 32 of 163 रचना ३२ / १६३
३१ अगस्त २०१३ 31 August 2013 ३१ अगस्त २०१३

माँ! तू कहाँ है माँ! maan! too kahaan hai maan! माँ! तू कहाँ है माँ!

माँ, तू

कहाँ है माँ!

है कौन

मुझसे छीनकर

तुझे ले गया कहाँ?

बरसों के बंध तोड़

एक पल में चल पड़ी।

अनजान पथ अकेली

किस तरह निकल पड़ी।

क्या प्यार कम था मेरा

या और गम यहाँ?

पाई जो लोरियों से

निंदिया वो छोड़ गई।

तेरी गोद में सुनी थी

वो कहानी खो गई।

गुम हो गया वो आँचल

बचपन छुपा जहाँ।

है

धूल से सना कुछ

maan, too

kahaan hai maan!

·

hai kaun

·

mujhase cheenakar

·

tujhe le gayaa kahaan?

·

barason ke bandh tod

·

ek pal men chal padee

·

anajaan path akelee

·

kis tarah nikal padee

·

kyaa pyaar kam thaa meraa

·

yaa aur gam yahaan?

·

paaee jo loriyon se

·

nindiyaa wo chod gaee

·

teree god men sunee thee

·

wo kahaanee kho gaee

·

gum ho gayaa wo aanchal

·

bachapan chupaa jahaan

·

hai

dhool se sanaa kuch

माँ, तू

कहाँ है माँ!

है कौन

मुझसे छीनकर

तुझे ले गया कहाँ?

बरसों के बंध तोड़

एक पल में चल पड़ी।

अनजान पथ अकेली

किस तरह निकल पड़ी।

क्या प्यार कम था मेरा

या और गम यहाँ?

पाई जो लोरियों से

निंदिया वो छोड़ गई।

तेरी गोद में सुनी थी

वो कहानी खो गई।

गुम हो गया वो आँचल

बचपन छुपा जहाँ।

है

धूल से सना कुछ

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗