कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
सभी रचनाएँ All writings सभ रचनाऊं
कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ३४ / १६४ № 34 of 164 रचना ३४ / १६४
४ सितम्बर २०१३ 4 September 2013 ४ सितम्बर २०१३

पतवार भारती हिन्दी है patawaar bhaaratee hindee hai पतवार भारती हिन्दी है

भाग्य विधाता भारत की,

॥

पतवार भारती हिन्दी है।

॥

अंचल अंचल की उन्नति का, द्वार

॥

भारती हिन्दी है।

॥

इसमें गंध बसी माटी की,

॥

युग-पुरुषों की परम प्रिया।

॥

नाट्य मंच हों या कि चित्र पट,

॥

विजय वाहिनी की चर्चा।

॥

संस्कृत की यह सुता सुंदरी

॥

आदिकाल की यह थाती,

॥

इसके कर-कमलों ने युग-युग

॥

ग्रंथ-ग्रंथ इतिहास रचा।

॥

संत-फकीरों का

bhaagy widhaataa bhaarat kee,

·

patawaar bhaaratee hindee hai

·

anchal anchal kee unnati kaa, dvaar

·

bhaaratee hindee hai

·

isamen gandh basee maatee kee,

·

yug-purushon kee param priyaa

·

naaty manch hon yaa ki chitr pat,

·

wijay waahinee kee charchaa

·

sanskriit kee yah sutaa sundaree

·

aadikaal kee yah thaatee,

·

isake kar-kamalon ne yug-yug

·

granth-granth itihaas rachaa

·

sant-phakeeron kaa

भाग्य विधाता भारत की,

॥

पतवार भारती हिन्दी है।

॥

अंचल अंचल की उन्नति का, द्वार

॥

भारती हिन्दी है।

॥

इसमें गंध बसी माटी की,

॥

युग-पुरुषों की परम प्रिया।

॥

नाट्य मंच हों या कि चित्र पट,

॥

विजय वाहिनी की चर्चा।

॥

संस्कृत की यह सुता सुंदरी

॥

आदिकाल की यह थाती,

॥

इसके कर-कमलों ने युग-युग

॥

ग्रंथ-ग्रंथ इतिहास रचा।

॥

संत-फकीरों का

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗