भोर का तारा छिपा जाने किधर है bhor kaa taaraa chipaa jaane kidhar hai भोर का तारा छिपा जाने किधर है
आज
खबरों में जहाँ जाती नज़र है।
रक्त
में डूबी हुई, होती खबर है।
फिर
रहा है दिन उजाले को छिपाकर,
रात
पूनम पर अमावस की मुहर है।
ढूँढते
हैं दीप लेकर लोग उसको,
भोर
का तारा छिपा जाने किधर है।
डर
रहे हैं रास्ते मंज़िल दिखाते,
मंज़िलों
पर खौफ का दिखता कहर है।
खो
चुके हैं नद-नदी रफ्तार अपनी,
साहिलों
की ओट छिपती हर लहर है।
साज़
हैं खामोश, चुप है रागिनी भी,
गीत
गुमसुम, मूक सुर, बेबस बहर है।
हसरतों
के फूल चुनता मन का माली,
नफरतों
के शूल बुनती सेज पर है।
आज
मेरा देश क्यों भयभीत इतना,
हर
गली सुनसान, सहमा हर शहर है।
---------- कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी
aaj
khabaron men jahaan jaatee nazar hai
rakt
men doobee huee, hotee khabar hai
phir
rahaa hai din ujaale ko chipaakar,
raat
poonam par amaawas kee muhar hai
dhoondhate
hain deep lekar log usako,
bhor
kaa taaraa chipaa jaane kidhar hai
dar
rahe hain raaste manzil dikhaate,
manzilon
par khauph kaa dikhataa kahar hai
kho
chuke hain nad-nadee raphtaar apanee,
saahilon
kee ot chipatee har lahar hai
saaz
hain khaamosh, chup hai raaginee bhee,
geet
gumasum, mook sur, bebas bahar hai
hasaraton
ke phool chunataa man kaa maalee,
napharaton
ke shool bunatee sej par hai
aaj
meraa desh kyon bhayabheet itanaa,
har
galee sunasaan, sahamaa har shahar hai
---------- kalpanaa raamaanee protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar
punah padhaarie
-kalpanaa raamaanee
आज
खबरों में जहाँ जाती नज़र है।
रक्त
में डूबी हुई, होती खबर है।
फिर
रहा है दिन उजाले को छिपाकर,
रात
पूनम पर अमावस की मुहर है।
ढूँढते
हैं दीप लेकर लोग उसको,
भोर
का तारा छिपा जाने किधर है।
डर
रहे हैं रास्ते मंज़िल दिखाते,
मंज़िलों
पर खौफ का दिखता कहर है।
खो
चुके हैं नद-नदी रफ्तार अपनी,
साहिलों
की ओट छिपती हर लहर है।
साज़
हैं खामोश, चुप है रागिनी भी,
गीत
गुमसुम, मूक सुर, बेबस बहर है।
हसरतों
के फूल चुनता मन का माली,
नफरतों
के शूल बुनती सेज पर है।
आज
मेरा देश क्यों भयभीत इतना,
हर
गली सुनसान, सहमा हर शहर है।
---------- कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी