कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी दोहा Doha दोहो · रचना २८ / ६७ № 28 of 67 रचना २८ / ६७
१५ दिसम्बर २०१३ 15 December 2013 १५ दिसम्बर २०१३

आया साल नवीन aayaa saal naween आया साल नवीन

चर्चा घर-घर में चली, आया साल नवीन

आगत का स्वागत करें, भूलें अब प्राचीन।

॥

रतजागे में रत सभी, हलचल चारों ओर

आ पहुँची नव-वर्ष की, रस भीगी सी भोर।

॥

चारों ओर बधाइयाँ, मधुर-मधुर संगीत

दिशा-दिशा है गा रही, अभिनंदन के गीत।

॥

मित्रों नूतन साल में,ऐसी हो तदवीर

बदल जाय हर हाल में, भारत की तस्वीर।

॥

सजे धजे बाज़ार हैं, पब, क्लब, होटल, माल

बारहमासी पाहुना, आया नूतन साल।

॥

नया साल फिर

charchaa ghar-ghar men chalee, aayaa saal naween

aagat kaa svaagat karen, bhoolen ab praacheen

·

ratajaage men rat sabhee, halachal chaaron or

aa pahunchee naw-warsh kee, ras bheegee see bhor

·

chaaron or badhaaiyaan, madhur-madhur sangeet

dishaa-dishaa hai gaa rahee, abhinandan ke geet

·

mitron nootan saal men,aisee ho tadaweer

badal jaay har haal men, bhaarat kee tasveer

·

saje dhaje baazaar hain, pab, klab, hotal, maal

baarahamaasee paahunaa, aayaa nootan saal

·

nayaa saal phir

चर्चा घर-घर में चली, आया साल नवीन

आगत का स्वागत करें, भूलें अब प्राचीन।

॥

रतजागे में रत सभी, हलचल चारों ओर

आ पहुँची नव-वर्ष की, रस भीगी सी भोर।

॥

चारों ओर बधाइयाँ, मधुर-मधुर संगीत

दिशा-दिशा है गा रही, अभिनंदन के गीत।

॥

मित्रों नूतन साल में,ऐसी हो तदवीर

बदल जाय हर हाल में, भारत की तस्वीर।

॥

सजे धजे बाज़ार हैं, पब, क्लब, होटल, माल

बारहमासी पाहुना, आया नूतन साल।

॥

नया साल फिर

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗