हिन्दी के सम्मान में hindee ke sammaan men हिन्दी के सम्मान में
देवों से हमको मिला, संस्कृत का
उपहार।
देवनागरी तब बनी, संस्कृति
का आधार।
युग पुरुषों ने तो रचे, हिन्दी में
बहु छंद।
पर नवयुग की पौध ने, किए कोश सब
बंद।
वेद ऋचाओं का नहीं, हुआ उचित
सम्मान।
हिन्द पुत्र भूले सभी, हिन्दी का
रसपान।
जो हिन्दी के पक्षधर, किसे
सुनाएँ पीर।
अपनों के ही हाथ से, टूटा है
प्राचीर।
हिन्दी का कर थामकर, ‘कल’ ने जीती&
dewon se hamako milaa, sanskriit kaa
upahaar
dewanaagaree tab banee, sanskriiti
kaa aadhaar
yug purushon ne to rache, hindee men
bahu chand
par nawayug kee paudh ne, kie kosh sab
band
wed riichaaon kaa naheen, huaa uchit
sammaan
hind putr bhoole sabhee, hindee kaa
rasapaan
jo hindee ke pakshadhar, kise
sunaaen peer
apanon ke hee haath se, tootaa hai
praacheer
hindee kaa kar thaamakar, ‘kal’ ne jeetee&
देवों से हमको मिला, संस्कृत का
उपहार।
देवनागरी तब बनी, संस्कृति
का आधार।
युग पुरुषों ने तो रचे, हिन्दी में
बहु छंद।
पर नवयुग की पौध ने, किए कोश सब
बंद।
वेद ऋचाओं का नहीं, हुआ उचित
सम्मान।
हिन्द पुत्र भूले सभी, हिन्दी का
रसपान।
जो हिन्दी के पक्षधर, किसे
सुनाएँ पीर।
अपनों के ही हाथ से, टूटा है
प्राचीर।
हिन्दी का कर थामकर, ‘कल’ ने जीती&