कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ५७ / २०५ № 57 of 205 रचना ५७ / २०५
१६ सितम्बर २०१४ 16 September 2014 १६ सितम्बर २०१४

हर खुशी तुमसे पिता har khushee tumase pitaa हर खुशी तुमसे पिता

घर

चमन में झिलमिलाती, रोशनी तुमसे पिता

॥

ज़िंदगी

में हमने पाई, हर खुशी तुमसे पिता

॥

छत्र-छाया

में तुम्हारी,

हम पले, खेले, बढ़े

॥

इस

अँगन में प्रेम की,

गंगा बही तुमसे पिता

॥

गर्व

से चलना सिखाया, तुमने उँगली थामकर

॥

ज़िंदगी

पल-पल पुलक से, है भरी तुमसे पिता

॥

याद

हैं बचपन की बातें, जागती रातें मृदुल

॥

ज्ञान

की हर बात जब, हमने सुनी तुमसे पिता

॥

प्रेरणा

भयमुक्त जीवन की, सदा हमको मिली

॥

नित

नया उत्साह भरती, हर घड़ी तुमसे पिता

॥

हाथ

माथे है तुम्हारा, हम बड़े हैं खुशनसीब

॥

घर-गृहस्थी

में घुली है, माधुरी तुमसे पिता

॥

हर

बला से दूर रखता, बल तुम्हारा ही हमें

॥

‘कल्पना’ जग में सुरक्षा, है

मिली तुमसे पिता

॥

-कल्पना रामानी

॥

प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

॥

-कल्पना रामानी

ghar

chaman men jhilamilaatee, roshanee tumase pitaa

·

zindagee

men hamane paaee, har khushee tumase pitaa

·

chatr-chaayaa

men tumhaaree,

ham pale, khele, bढ़e

·

is

angan men prem kee,

gangaa bahee tumase pitaa

·

garv

se chalanaa sikhaayaa, tumane ungalee thaamakar

·

zindagee

pal-pal pulak se, hai bharee tumase pitaa

·

yaad

hain bachapan kee baaten, jaagatee raaten mriidul

·

jnaan

kee har baat jab, hamane sunee tumase pitaa

·

preranaa

bhayamukt jeewan kee, sadaa hamako milee

·

nit

nayaa utsaah bharatee, har ghadee tumase pitaa

·

haath

maathe hai tumhaaraa, ham bade hain khushanaseeb

·

ghar-griihasthee

men ghulee hai, maadhuree tumase pitaa

·

har

balaa se door rakhataa, bal tumhaaraa hee hamen

·

‘kalpanaa’ jag men surakshaa, hai

milee tumase pitaa

·

-kalpanaa raamaanee

·

protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

घर

चमन में झिलमिलाती, रोशनी तुमसे पिता

॥

ज़िंदगी

में हमने पाई, हर खुशी तुमसे पिता

॥

छत्र-छाया

में तुम्हारी,

हम पले, खेले, बढ़े

॥

इस

अँगन में प्रेम की,

गंगा बही तुमसे पिता

॥

गर्व

से चलना सिखाया, तुमने उँगली थामकर

॥

ज़िंदगी

पल-पल पुलक से, है भरी तुमसे पिता

॥

याद

हैं बचपन की बातें, जागती रातें मृदुल

॥

ज्ञान

की हर बात जब, हमने सुनी तुमसे पिता

॥

प्रेरणा

भयमुक्त जीवन की, सदा हमको मिली

॥

नित

नया उत्साह भरती, हर घड़ी तुमसे पिता

॥

हाथ

माथे है तुम्हारा, हम बड़े हैं खुशनसीब

॥

घर-गृहस्थी

में घुली है, माधुरी तुमसे पिता

॥

हर

बला से दूर रखता, बल तुम्हारा ही हमें

॥

‘कल्पना’ जग में सुरक्षा, है

मिली तुमसे पिता

॥

-कल्पना रामानी

॥

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॥

-कल्पना रामानी

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗