दीनों की दुनिया अलग deenon kee duniyaa alag दीनों की दुनिया अलग
दीनों की दुनिया अलग, होती
सबसे खास।
आशाओं की पोटली, रहती
इनके पास।
चाहे खरपतवार हो, या बिखरे
हों शूल।
हर विपदा के बाग में, खिलते
ये बनफूल।
बाधाओं की बाढ़ में, जीवन
हो दुश्वार।
थामे रहते किन्तु ये, हिम्मत
की पतवार।
छूटे चाहे आशियाँ, या
रूठे तकदीर।
मगर नहीं है टूटता, इनके
मन का धीर।
शीत, ताप, हिमपात को, सहज मानते मीत।
बारिश भी इनके लिए, कब
लिखती
deenon kee duniyaa alag, hotee
sabase khaas
aashaaon kee potalee, rahatee
inake paas
chaahe kharapatawaar ho, yaa bikhare
hon shool
har wipadaa ke baag men, khilate
ye banaphool
baadhaaon kee baaढ़ men, jeewan
ho dushvaar
thaame rahate kintu ye, himmat
kee patawaar
choote chaahe aashiyaan, yaa
roothe takadeer
magar naheen hai tootataa, inake
man kaa dheer
sheet, taap, himapaat ko, sahaj maanate meet
baarish bhee inake lie, kab
likhatee
दीनों की दुनिया अलग, होती
सबसे खास।
आशाओं की पोटली, रहती
इनके पास।
चाहे खरपतवार हो, या बिखरे
हों शूल।
हर विपदा के बाग में, खिलते
ये बनफूल।
बाधाओं की बाढ़ में, जीवन
हो दुश्वार।
थामे रहते किन्तु ये, हिम्मत
की पतवार।
छूटे चाहे आशियाँ, या
रूठे तकदीर।
मगर नहीं है टूटता, इनके
मन का धीर।
शीत, ताप, हिमपात को, सहज मानते मीत।
बारिश भी इनके लिए, कब
लिखती