कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी दोहा Doha दोहो · रचना ६० / ६७ № 60 of 67 रचना ६० / ६७
२२ अगस्त २०१५ 22 August 2015 २२ अगस्त २०१५

दीनों की दुनिया अलग deenon kee duniyaa alag दीनों की दुनिया अलग

दीनों की दुनिया अलग, होती

सबसे खास।

॥

आशाओं की पोटली, रहती

इनके पास।

॥

चाहे खरपतवार हो, या बिखरे

हों शूल।

॥

हर विपदा के बाग में, खिलते

ये बनफूल।

॥

बाधाओं की बाढ़ में, जीवन

हो दुश्वार।

॥

थामे रहते किन्तु ये, हिम्मत

की पतवार।

॥

छूटे चाहे आशियाँ, या

रूठे तकदीर।

॥

मगर नहीं है टूटता, इनके

मन का धीर।

॥

शीत, ताप, हिमपात को, सहज मानते मीत।

॥

बारिश भी इनके लिए, कब

लिखती

deenon kee duniyaa alag, hotee

sabase khaas

·

aashaaon kee potalee, rahatee

inake paas

·

chaahe kharapatawaar ho, yaa bikhare

hon shool

·

har wipadaa ke baag men, khilate

ye banaphool

·

baadhaaon kee baaढ़ men, jeewan

ho dushvaar

·

thaame rahate kintu ye, himmat

kee patawaar

·

choote chaahe aashiyaan, yaa

roothe takadeer

·

magar naheen hai tootataa, inake

man kaa dheer

·

sheet, taap, himapaat ko, sahaj maanate meet

·

baarish bhee inake lie, kab

likhatee

दीनों की दुनिया अलग, होती

सबसे खास।

॥

आशाओं की पोटली, रहती

इनके पास।

॥

चाहे खरपतवार हो, या बिखरे

हों शूल।

॥

हर विपदा के बाग में, खिलते

ये बनफूल।

॥

बाधाओं की बाढ़ में, जीवन

हो दुश्वार।

॥

थामे रहते किन्तु ये, हिम्मत

की पतवार।

॥

छूटे चाहे आशियाँ, या

रूठे तकदीर।

॥

मगर नहीं है टूटता, इनके

मन का धीर।

॥

शीत, ताप, हिमपात को, सहज मानते मीत।

॥

बारिश भी इनके लिए, कब

लिखती

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗