कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ७९ / १६३ № 79 of 163 रचना ७९ / १६३
१३ सितम्बर २०१४ 13 September 2014 १३ सितम्बर २०१४

कितनी गर्वित भारत माता kitanee garvit bhaarat maataa कितनी गर्वित भारत माता

बीत चुका वो कल दुखदाई

गुमी गुलामी की हर गाथा।

सिर हिन्दी का ताज सजाकर

कितनी गर्वित, भारत-माता!

अंग लगाता हिन्दी को अब

मुग्ध हिन्द का कोना कोना।

दंग हो रही अंग्रेज़ी को

जलावतन निश्चित है होना।

लाख बिछे हों जाल, काटना

देवनागरी को है आता।

हिन्दी के ही पद कमलों से

पावन, भारत

की धरती है।

beet chukaa wo kal dukhadaaee

·

gumee gulaamee kee har gaathaa

·

sir hindee kaa taaj sajaakar

·

kitanee garvit, bhaarat-maataa!

·

ang lagaataa hindee ko ab

·

mugdh hind kaa konaa konaa

·

dang ho rahee angrezee ko

·

jalaawatan nishchit hai honaa

·

laakh biche hon jaal, kaatanaa

·

dewanaagaree ko hai aataa

·

hindee ke hee pad kamalon se

·

paawan, bhaarat

kee dharatee hai

बीत चुका वो कल दुखदाई

गुमी गुलामी की हर गाथा।

सिर हिन्दी का ताज सजाकर

कितनी गर्वित, भारत-माता!

अंग लगाता हिन्दी को अब

मुग्ध हिन्द का कोना कोना।

दंग हो रही अंग्रेज़ी को

जलावतन निश्चित है होना।

लाख बिछे हों जाल, काटना

देवनागरी को है आता।

हिन्दी के ही पद कमलों से

पावन, भारत

की धरती है।

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗