कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ७९ / १६४ № 79 of 164 रचना ७९ / १६४
१३ सितम्बर २०१४ 13 September 2014 १३ सितम्बर २०१४

कितनी गर्वित भारत माता kitanee garvit bhaarat maataa कितनी गर्वित भारत माता

बीत चुका वो कल दुखदाई

॥

गुमी गुलामी की हर गाथा।

॥

सिर हिन्दी का ताज सजाकर

॥

कितनी गर्वित, भारत-माता!

॥

अंग लगाता हिन्दी को अब

॥

मुग्ध हिन्द का कोना कोना।

॥

दंग हो रही अंग्रेज़ी को

॥

जलावतन निश्चित है होना।

॥

लाख बिछे हों जाल, काटना

॥

देवनागरी को है आता।

॥

हिन्दी के ही पद कमलों से

॥

पावन, भारत

की धरती है।

beet chukaa wo kal dukhadaaee

·

gumee gulaamee kee har gaathaa

·

sir hindee kaa taaj sajaakar

·

kitanee garvit, bhaarat-maataa!

·

ang lagaataa hindee ko ab

·

mugdh hind kaa konaa konaa

·

dang ho rahee angrezee ko

·

jalaawatan nishchit hai honaa

·

laakh biche hon jaal, kaatanaa

·

dewanaagaree ko hai aataa

·

hindee ke hee pad kamalon se

·

paawan, bhaarat

kee dharatee hai

बीत चुका वो कल दुखदाई

॥

गुमी गुलामी की हर गाथा।

॥

सिर हिन्दी का ताज सजाकर

॥

कितनी गर्वित, भारत-माता!

॥

अंग लगाता हिन्दी को अब

॥

मुग्ध हिन्द का कोना कोना।

॥

दंग हो रही अंग्रेज़ी को

॥

जलावतन निश्चित है होना।

॥

लाख बिछे हों जाल, काटना

॥

देवनागरी को है आता।

॥

हिन्दी के ही पद कमलों से

॥

पावन, भारत

की धरती है।

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗