कैसे बीते काले दिन kaise beete kaale din कैसे बीते काले दिन
ज़रा पूछिए इन लोगों से,
कैसे बीते काले दिन।
फुटपाथों की सर्द सेज पर,
क्रूर कुहासे वाले दिन।
सूरज,
जो इनका हमजोली,
वो भी करता रहा ठिठोली।
तहखाने में भेज रश्मियाँ,
ले आता कुहरा भर, झोली।
गर्म वस्त्र तो मौज मनाते,
इन्हें सौंपते छाले दिन।
दूर जली जब आग देखते,
नज़रों से ही ताप सेंकते
बैरन रात न काटे कटती,
गात हवा के तीर छेदते।
इन
zaraa poochie in logon se,
kaise beete kaale din
phutapaathon kee sard sej par,
kroor kuhaase waale din
sooraj,
jo inakaa hamajolee,
wo bhee karataa rahaa thitholee
tahakhaane men bhej rashmiyaan,
le aataa kuharaa bhar, jholee
garm wastr to mauj manaate,
inhen saunpate chaale din
door jalee jab aag dekhate,
nazaron se hee taap senkate
bairan raat n kaate katatee,
gaat hawaa ke teer chedate
in
ज़रा पूछिए इन लोगों से,
कैसे बीते काले दिन।
फुटपाथों की सर्द सेज पर,
क्रूर कुहासे वाले दिन।
सूरज,
जो इनका हमजोली,
वो भी करता रहा ठिठोली।
तहखाने में भेज रश्मियाँ,
ले आता कुहरा भर, झोली।
गर्म वस्त्र तो मौज मनाते,
इन्हें सौंपते छाले दिन।
दूर जली जब आग देखते,
नज़रों से ही ताप सेंकते
बैरन रात न काटे कटती,
गात हवा के तीर छेदते।
इन