कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ७२ / १६४ № 72 of 164 रचना ७२ / १६४
१ जुलाई २०१४ 1 July 2014 १ जुलाई २०१४

धरती को पैगाम dharatee ko paigaam धरती को पैगाम

इन्द्र्देव ने भेज दिया

है

॥

धरती को पैगाम।

॥

बूँदों से है लिखी

इबारत।

॥

बदलेगी जन-जन की किस्मत।

॥

मानसून इस बार करेगा

॥

सबके मन की पूरी हसरत।

॥

भर चौमासा घन बरसेंगे

॥

झूम झूम अविराम।

॥

हरषेगा खेतों में

हँसिया।

॥

अन्न बीज रोपेगा हरिया।

॥

उड़ जाएगी निकल नीड़ से

॥

बेबस हो महँगाई चिड़िया।

॥

हल बैलों सँग गीत महिया

॥

गाएगा

indrdew ne bhej diyaa

hai

·

dharatee ko paigaam

·

boondon se hai likhee

ibaarat

·

badalegee jan-jan kee kismat

·

maanasoon is baar karegaa

·

sabake man kee pooree hasarat

·

bhar chaumaasaa ghan barasenge

·

jhoom jhoom awiraam

·

harashegaa kheton men

hansiyaa

·

ann beej ropegaa hariyaa

·

ud jaaegee nikal need se

·

bebas ho mahangaaee chidiyaa

·

hal bailon sang geet mahiyaa

·

gaaegaa

इन्द्र्देव ने भेज दिया

है

॥

धरती को पैगाम।

॥

बूँदों से है लिखी

इबारत।

॥

बदलेगी जन-जन की किस्मत।

॥

मानसून इस बार करेगा

॥

सबके मन की पूरी हसरत।

॥

भर चौमासा घन बरसेंगे

॥

झूम झूम अविराम।

॥

हरषेगा खेतों में

हँसिया।

॥

अन्न बीज रोपेगा हरिया।

॥

उड़ जाएगी निकल नीड़ से

॥

बेबस हो महँगाई चिड़िया।

॥

हल बैलों सँग गीत महिया

॥

गाएगा

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗