कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ७२ / १६३ № 72 of 163 रचना ७२ / १६३
१ जुलाई २०१४ 1 July 2014 १ जुलाई २०१४

धरती को पैगाम dharatee ko paigaam धरती को पैगाम

इन्द्र्देव ने भेज दिया

है

धरती को पैगाम।

बूँदों से है लिखी

इबारत।

बदलेगी जन-जन की किस्मत।

मानसून इस बार करेगा

सबके मन की पूरी हसरत।

भर चौमासा घन बरसेंगे

झूम झूम अविराम।

हरषेगा खेतों में

हँसिया।

अन्न बीज रोपेगा हरिया।

उड़ जाएगी निकल नीड़ से

बेबस हो महँगाई चिड़िया।

हल बैलों सँग गीत महिया

गाएगा

indrdew ne bhej diyaa

hai

·

dharatee ko paigaam

·

boondon se hai likhee

ibaarat

·

badalegee jan-jan kee kismat

·

maanasoon is baar karegaa

·

sabake man kee pooree hasarat

·

bhar chaumaasaa ghan barasenge

·

jhoom jhoom awiraam

·

harashegaa kheton men

hansiyaa

·

ann beej ropegaa hariyaa

·

ud jaaegee nikal need se

·

bebas ho mahangaaee chidiyaa

·

hal bailon sang geet mahiyaa

·

gaaegaa

इन्द्र्देव ने भेज दिया

है

धरती को पैगाम।

बूँदों से है लिखी

इबारत।

बदलेगी जन-जन की किस्मत।

मानसून इस बार करेगा

सबके मन की पूरी हसरत।

भर चौमासा घन बरसेंगे

झूम झूम अविराम।

हरषेगा खेतों में

हँसिया।

अन्न बीज रोपेगा हरिया।

उड़ जाएगी निकल नीड़ से

बेबस हो महँगाई चिड़िया।

हल बैलों सँग गीत महिया

गाएगा

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗