कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
सभी रचनाएँ All writings सभ रचनाऊं
कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ३८ / २०५ № 38 of 205 रचना ३८ / २०५
६ अप्रैल २०१४ 6 April 2014 ६ अप्रैल २०१४

बेटियों आगे बढ़ो betiyon aage bढ़o बेटियों आगे बढ़ो

हक़ से हर अधिकार पाने,

बेटियों आगे बढ़ो।

॥

स्वप्न पूरे कर दिखाने,

बेटियों आगे बढ़ो।

॥

चाहे मावस रात हो,

जुगनू सितारे हों न हों

॥

ज्योत बनकर जगमगाने,

बेटियों आगे बढ़ो।

॥

सिर तुम्हारा ना झुके,

अन्याय के आगे कभी

॥

न्याय का डंका बजाने, बेटियों

आगे बढ़ो।

॥

ज्ञान के विस्तृत फ़लक पर,

करके अपने दस्तखत

॥

विश्व में सम्मान पाने,

बेटियों आगे बढ़ो।

॥

तुम सबल हो, बाँध

लो यह बात अपनी गाँठ में

॥

क्यों सुनो अबला का ताने,

बेटियों आगे बढ़ो।

॥

रूढ़ियों की रीढ़ तोड़ो, बेड़ियाँ

सब काट कर

॥

दिलजलों के बुत जलाने,

बेटियों आगे बढ़ो।

॥

देखना सरकें नहीं वे,

सर्प जो तुमको डसें

॥

विषधरों को विष पिलाने,

बेटियों आगे बढ़ो।

॥

सीख लो गुर निज सुरक्षा के,

सदा रहना सजग

॥

दंभ को दर्पण दिखाने,

बेटियों आगे बढ़ो।

॥

गर्भ में ही फिर तुम्हारा, अंश

ना हो अस्तमित

॥

“कल्पना” खुद को बचाने,

बेटियों आगे बढ़ो।

॥

-कल्पना रामानी

॥

प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

॥

-कल्पना रामानी

haq se har adhikaar paane,

betiyon aage bढ़o

·

svapn poore kar dikhaane,

betiyon aage bढ़o

·

chaahe maawas raat ho,

juganoo sitaare hon n hon

·

jyot banakar jagamagaane,

betiyon aage bढ़o

·

sir tumhaaraa naa jhuke,

anyaay ke aage kabhee

·

nyaay kaa dankaa bajaane, betiyon

aage bढ़o

·

jnaan ke wistriit falak par,

karake apane dastakhat

·

wishv men sammaan paane,

betiyon aage bढ़o

·

tum sabal ho, baandh

lo yah baat apanee gaanth men

·

kyon suno abalaa kaa taane,

betiyon aage bढ़o

·

rooढ़iyon kee reeढ़ todo, bediyaan

sab kaat kar

·

dilajalon ke but jalaane,

betiyon aage bढ़o

·

dekhanaa saraken naheen we,

sarp jo tumako dasen

·

wishadharon ko wish pilaane,

betiyon aage bढ़o

·

seekh lo gur nij surakshaa ke,

sadaa rahanaa sajag

·

danbh ko darpan dikhaane,

betiyon aage bढ़o

·

garbh men hee phir tumhaaraa, ansh

naa ho astamit

·

“kalpanaa” khud ko bachaane,

betiyon aage bढ़o

·

-kalpanaa raamaanee

·

protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

हक़ से हर अधिकार पाने,

बेटियों आगे बढ़ो।

॥

स्वप्न पूरे कर दिखाने,

बेटियों आगे बढ़ो।

॥

चाहे मावस रात हो,

जुगनू सितारे हों न हों

॥

ज्योत बनकर जगमगाने,

बेटियों आगे बढ़ो।

॥

सिर तुम्हारा ना झुके,

अन्याय के आगे कभी

॥

न्याय का डंका बजाने, बेटियों

आगे बढ़ो।

॥

ज्ञान के विस्तृत फ़लक पर,

करके अपने दस्तखत

॥

विश्व में सम्मान पाने,

बेटियों आगे बढ़ो।

॥

तुम सबल हो, बाँध

लो यह बात अपनी गाँठ में

॥

क्यों सुनो अबला का ताने,

बेटियों आगे बढ़ो।

॥

रूढ़ियों की रीढ़ तोड़ो, बेड़ियाँ

सब काट कर

॥

दिलजलों के बुत जलाने,

बेटियों आगे बढ़ो।

॥

देखना सरकें नहीं वे,

सर्प जो तुमको डसें

॥

विषधरों को विष पिलाने,

बेटियों आगे बढ़ो।

॥

सीख लो गुर निज सुरक्षा के,

सदा रहना सजग

॥

दंभ को दर्पण दिखाने,

बेटियों आगे बढ़ो।

॥

गर्भ में ही फिर तुम्हारा, अंश

ना हो अस्तमित

॥

“कल्पना” खुद को बचाने,

बेटियों आगे बढ़ो।

॥

-कल्पना रामानी

॥

प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

॥

-कल्पना रामानी

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗