कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना १०२ / १६३ № 102 of 163 रचना १०२ / १६३
४ फ़रवरी २०१५ 4 February 2015 ४ फ़रवरी २०१५

पुस्तक समीक्षा/हौसलों के पंख-आचार्य संजीव सलिल pustak sameekshaa/hausalon ke pankh-aachaary sanjeew salil पुस्तक समीक्षा/हौसलों के पंख-आचार्य संजीव सलिल

हौसलों के पंख - कल्पना रामानी

भाषा के स्तर पर गीत में संकेतन का

महत्वपूर्ण स्थान होता है जबकि

नवगीत में स्पष्टता आवश्यक है।

गीत पारम्परिकता का पोषक होता

है तो नवगीत नव्यता को महत्व

देता है। गीत में छंद योजना को

वरीयता है तो नवगीत में गेयता

को महत्व मिलता है।' उक्त दो

बयानों के परिप्रेक्ष्य में नवगीतकार

कल्पना रामानी के प्रथम नवगीत

संग्रह 'हौसलों के पंख'

hausalon ke pankh - kalpanaa raamaanee

·

bhaashaa ke star par geet men sanketan kaa

mahatvapoorn sthaan hotaa hai jabaki

nawageet men spashtataa aawashyak hai

geet paaramparikataa kaa poshak hotaa

hai to nawageet navyataa ko mahatv

detaa hai geet men chand yojanaa ko

wareeyataa hai to nawageet men geyataa

ko mahatv milataa hai' ukt do

bayaanon ke pariprekshy men nawageetakaar

kalpanaa raamaanee ke pratham nawageet

sangrah 'hausalon ke pankh'

हौसलों के पंख - कल्पना रामानी

भाषा के स्तर पर गीत में संकेतन का

महत्वपूर्ण स्थान होता है जबकि

नवगीत में स्पष्टता आवश्यक है।

गीत पारम्परिकता का पोषक होता

है तो नवगीत नव्यता को महत्व

देता है। गीत में छंद योजना को

वरीयता है तो नवगीत में गेयता

को महत्व मिलता है।' उक्त दो

बयानों के परिप्रेक्ष्य में नवगीतकार

कल्पना रामानी के प्रथम नवगीत

संग्रह 'हौसलों के पंख'

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗