नज़र नज़र में जो हो जाए प्यार nazar nazar men jo ho jaae pyaar नज़र नज़र में जो हो जाए प्यार
नज़र-नज़र
में जो हो जाए प्यार, क्या कहिए।
बिना
बसंत के छाए बहार, क्या कहिए।
सपन
सुहाने चले आते बंद, पलकों में
पलक
झपकते ही होते करार, क्या कहिए।
धड़कते
दिल हैं धुँधलकों में साँझ होते ही
चमकते
नैनों में जुगनू हज़ार, क्या कहिए।
घनेरी
घाम में हैं दीखते घने बादल
अमा
के चाँद से झरता उजार,
क्या कहिए।
गरम
हवा से है आती सुगंध फूलों की
भिगोता
जेठ भी बनकर फुहार,
क्या कहिए।
कदम
पहुँचते वहीं जिस जगह जुड़े दो दिल
मिलन
की चाह में चल बार-बार, क्या कहिए।
ये
“कल्पना” है अगन प्यार की भला कैसी
हो
दिन या रात न जाता ख़ुमार, क्या कहिए।
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी
nazar-nazar
men jo ho jaae pyaar, kyaa kahie
binaa
basant ke chaae bahaar, kyaa kahie
sapan
suhaane chale aate band, palakon men
palak
jhapakate hee hote karaar, kyaa kahie
dhadakate
dil hain dhundhalakon men saanjh hote hee
chamakate
nainon men juganoo hazaar, kyaa kahie
ghaneree
ghaam men hain deekhate ghane baadal
amaa
ke chaand se jharataa ujaar,
kyaa kahie
garam
hawaa se hai aatee sugandh phoolon kee
bhigotaa
jeth bhee banakar phuhaar,
kyaa kahie
kadam
pahunchate waheen jis jagah jude do dil
milan
kee chaah men chal baar-baar, kyaa kahie
ye
“kalpanaa” hai agan pyaar kee bhalaa kaisee
ho
din yaa raat n jaataa kumaar, kyaa kahie
-kalpanaa raamaanee
protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar
punah padhaarie
-kalpanaa raamaanee
नज़र-नज़र
में जो हो जाए प्यार, क्या कहिए।
बिना
बसंत के छाए बहार, क्या कहिए।
सपन
सुहाने चले आते बंद, पलकों में
पलक
झपकते ही होते करार, क्या कहिए।
धड़कते
दिल हैं धुँधलकों में साँझ होते ही
चमकते
नैनों में जुगनू हज़ार, क्या कहिए।
घनेरी
घाम में हैं दीखते घने बादल
अमा
के चाँद से झरता उजार,
क्या कहिए।
गरम
हवा से है आती सुगंध फूलों की
भिगोता
जेठ भी बनकर फुहार,
क्या कहिए।
कदम
पहुँचते वहीं जिस जगह जुड़े दो दिल
मिलन
की चाह में चल बार-बार, क्या कहिए।
ये
“कल्पना” है अगन प्यार की भला कैसी
हो
दिन या रात न जाता ख़ुमार, क्या कहिए।
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी