सावन बरसा गाँव हमारे saawan barasaa gaanv hamaare सावन बरसा गाँव हमारे
सावन बरसा, गाँव हमारे
सुन लो क्या-क्या
रंग
दिखाए।
रस्सी पर थे वस्त्र
ओट में
घिरे अचानक
श्याम-घन घने।
संग हवा जब जल भर
लाई
कूदे भू पर लगे
लोटने।
अहा, नज़ारा क्या आँगन का!
तैर-तैर जब खूब
नहाए।
गलियों का भी सुन
लो फंडा
मौसम था मनभावन
ठंडा।
भीगे बालक, सिहरे भागे
छोड़ खेलना
गिल्ली-डंडा।
मन-भर मिट्टी पहन,
saawan barasaa, gaanv hamaare
sun lo kyaa-kyaa
rang
dikhaae
rassee par the wastr
ot men
ghire achaanak
shyaam-ghan ghane
sang hawaa jab jal bhar
laaee
koode bhoo par lage
lotane
ahaa, nazaaraa kyaa aangan kaa!
tair-tair jab khoob
nahaae
galiyon kaa bhee sun
lo phandaa
mausam thaa manabhaawan
thandaa
bheege baalak, sihare bhaage
chod khelanaa
gillee-dandaa
man-bhar mittee pahan,
सावन बरसा, गाँव हमारे
सुन लो क्या-क्या
रंग
दिखाए।
रस्सी पर थे वस्त्र
ओट में
घिरे अचानक
श्याम-घन घने।
संग हवा जब जल भर
लाई
कूदे भू पर लगे
लोटने।
अहा, नज़ारा क्या आँगन का!
तैर-तैर जब खूब
नहाए।
गलियों का भी सुन
लो फंडा
मौसम था मनभावन
ठंडा।
भीगे बालक, सिहरे भागे
छोड़ खेलना
गिल्ली-डंडा।
मन-भर मिट्टी पहन,