तत्पर खड़ा है नीम tatpar khadaa hai neem तत्पर खड़ा है नीम
रोक कर चुभती हवा वैसाख की
जीव रक्षा के लिए डटकर खड़ा है नीम।
जानता है वो
समय उसके लिए यह खास है।
एक उसकी छाँव की
हर जीव जन को आस है।
ढाल बन किरणें निगलकर सूर्य की
दोपहर में प्रात सा सुखकर खड़ा है नीम।
पात बिन जब ठूँठ दिखते
पेड़ कई छोटे बड़े।
श्वेत पुष्पों हरित पत्तों
से लुभाता पेड़ ये।
शुद्धतम शीतल हवाएँ रोककर
ताप के आघात से हँसकर लड़ा है नीम।
हो निरोगी तन
सुबह कुछ पान खाएँ नीम के।
और है हितकर
अगर हो स्नान उबले नीम से।
स्वाद कड़वा, पर असर मीठा लिए
बाँटने हर अंग को तत्पर खड़ा है नीम।
rok kar chubhatee hawaa waisaakh kee
jeew rakshaa ke lie datakar khadaa hai neem
jaanataa hai wo
samay usake lie yah khaas hai
ek usakee chaanv kee
har jeew jan ko aas hai
dhaal ban kiranen nigalakar soory kee
dopahar men praat saa sukhakar khadaa hai neem
paat bin jab thoonth dikhate
ped kaee chote bade
shvet pushpon harit patton
se lubhaataa ped ye
shuddhatam sheetal hawaaen rokakar
taap ke aaghaat se hansakar ladaa hai neem
ho nirogee tan
subah kuch paan khaaen neem ke
aur hai hitakar
agar ho snaan ubale neem se
svaad kadawaa, par asar meethaa lie
baantane har ang ko tatpar khadaa hai neem
रोक कर चुभती हवा वैसाख की
जीव रक्षा के लिए डटकर खड़ा है नीम।
जानता है वो
समय उसके लिए यह खास है।
एक उसकी छाँव की
हर जीव जन को आस है।
ढाल बन किरणें निगलकर सूर्य की
दोपहर में प्रात सा सुखकर खड़ा है नीम।
पात बिन जब ठूँठ दिखते
पेड़ कई छोटे बड़े।
श्वेत पुष्पों हरित पत्तों
से लुभाता पेड़ ये।
शुद्धतम शीतल हवाएँ रोककर
ताप के आघात से हँसकर लड़ा है नीम।
हो निरोगी तन
सुबह कुछ पान खाएँ नीम के।
और है हितकर
अगर हो स्नान उबले नीम से।
स्वाद कड़वा, पर असर मीठा लिए
बाँटने हर अंग को तत्पर खड़ा है नीम।