कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ४० / १६३ № 40 of 163 रचना ४० / १६३
७ अक्तूबर २०१३ 7 October 2013 ७ अक्तूबर २०१३

जीवन के विविध आयामों का भावनात्मक स्पर्श -समीक्षा / डॉ़ अमिताभ त्रिपाठी jeewan ke wiwidh aayaamon kaa bhaawanaatmak sparsh -sameekshaa / dॉ़ amitaabh tripaathee जीवन के विविध आयामों का भावनात्मक स्पर्श -समीक्षा / डॉ़ अमिताभ त्रिपाठी

कल्पना जी के इस काव्य संग्रह का पाठ एवं अनुशीलन अनुभूति के कई आयाम खोलता है जो जीवन के लगभग सभी सन्दर्भों को कहीं न कहीं स्पर्श करते प्रतीत होते हैं। यह स्पर्श भावनात्मक तो है ही संवेदना के उदात्त स्तरों को भी रेखांकित करता है। साफ सुथरा छन्द विधान और सुगठित शब्दयोजना कल्पना जी के काव्य प्रतिभा के सुव्यक्त हस्ताक्षर हैं। इनके प्रवाह में लयभंगता नहीं आने पाती जो गीतिकाव्य

kalpanaa jee ke is kaavy sangrah kaa paath ewan anusheelan anubhooti ke kaee aayaam kholataa hai jo jeewan ke lagabhag sabhee sandarbhon ko kaheen n kaheen sparsh karate prateet hote hain yah sparsh bhaawanaatmak to hai hee sanvedanaa ke udaatt staron ko bhee rekhaankit karataa hai saaph sutharaa chand widhaan aur sugathit shabdayojanaa kalpanaa jee ke kaavy pratibhaa ke suvyakt hastaakshar hain inake prawaah men layabhangataa naheen aane paatee jo geetikaavy

कल्पना जी के इस काव्य संग्रह का पाठ एवं अनुशीलन अनुभूति के कई आयाम खोलता है जो जीवन के लगभग सभी सन्दर्भों को कहीं न कहीं स्पर्श करते प्रतीत होते हैं। यह स्पर्श भावनात्मक तो है ही संवेदना के उदात्त स्तरों को भी रेखांकित करता है। साफ सुथरा छन्द विधान और सुगठित शब्दयोजना कल्पना जी के काव्य प्रतिभा के सुव्यक्त हस्ताक्षर हैं। इनके प्रवाह में लयभंगता नहीं आने पाती जो गीतिकाव्य

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗