कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया · रचना ३९ / ६३ № 39 of 63 रचना ३९ / ६३
१० अक्तूबर २०१३ 10 October 2013 १० अक्तूबर २०१३

गज़ल में मात्रा गिराने के नियम gazal men maatraa giraane ke niyam गज़ल में मात्रा गिराने के नियम

सम, दम, चल, घर, पल, कल आदि शाश्वत दो मात्रिक हैं

ऐसे किसी दीर्घ को लघु नहीं कर सकते हैं| दो व्यंजन मिल कर दीर्घ मात्रिक होते हैं तो ऐसे दो मात्रिक को गिरा कर लघु नहीं कर सकते हैं

उदहारण = कमल की मात्रा १२ है इसे क१ + मल२ = १२ गिनेंगे तथा इसमें हम मलको गिरा कर १ नहीं कर सकते अर्थात कमाल को ११ अथवा १११ कदापि नहीं गिन सकते

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मुझको २२ को

sam, dam, chal, ghar, pal, kal aadi shaashvat do maatrik hain

aise kisee deergh ko laghu naheen kar sakate hain do wyanjan mil kar deergh maatrik hote hain to aise do maatrik ko giraa kar laghu naheen kar sakate hain

udahaaran = kamal kee maatraa 12 hai ise ka1 + mala2 = 12 ginenge tathaa isamen ham malako giraa kar 1 naheen kar sakate arthaat kamaal ko 11 athawaa 111 kadaapi naheen gin sakate

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mujhako 22 ko

सम, दम, चल, घर, पल, कल आदि शाश्वत दो मात्रिक हैं

ऐसे किसी दीर्घ को लघु नहीं कर सकते हैं| दो व्यंजन मिल कर दीर्घ मात्रिक होते हैं तो ऐसे दो मात्रिक को गिरा कर लघु नहीं कर सकते हैं

उदहारण = कमल की मात्रा १२ है इसे क१ + मल२ = १२ गिनेंगे तथा इसमें हम मलको गिरा कर १ नहीं कर सकते अर्थात कमाल को ११ अथवा १११ कदापि नहीं गिन सकते

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मुझको २२ को

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗