कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ७८ / १६४ № 78 of 164 रचना ७८ / १६४
१० सितम्बर २०१४ 10 September 2014 १० सितम्बर २०१४

इस शहर के रास्तों पर is shahar ke raaston par इस शहर के रास्तों पर

तुम पथिक, आए कहाँ से,

॥

ठौर किस तुमको ठहरना?

॥

इस शहर के रास्तों पर,

॥

कुछ सँभलकर

॥

पाँव धरना।

॥

बात कल की है, यहाँ पर,

॥

कत्ल जीवित वन हुआ था।

॥

जड़ मशीनें जी उठी थीं,

॥

और जड़ जीवन हुआ था।

॥

देख थी हैरान कुदरत,

॥

रात का दिन में

॥

उतरना।

॥

जो युगों से थे खड़े

॥

वे पेड़ धरती पर पड़े

थे।

॥

उस कुटिल तूफान से, तुम

॥

पूछना कैसे लड़े थे।

॥

याद

tum pathik, aae kahaan se,

·

thaur kis tumako thaharanaa?

·

is shahar ke raaston par,

·

kuch sanbhalakar

·

paanv dharanaa

·

baat kal kee hai, yahaan par,

·

katl jeewit wan huaa thaa

·

jad masheenen jee uthee theen,

·

aur jad jeewan huaa thaa

·

dekh thee hairaan kudarat,

·

raat kaa din men

·

utaranaa

·

jo yugon se the khade

·

we ped dharatee par pade

the

·

us kutil toophaan se, tum

·

poochanaa kaise lade the

·

yaad

तुम पथिक, आए कहाँ से,

॥

ठौर किस तुमको ठहरना?

॥

इस शहर के रास्तों पर,

॥

कुछ सँभलकर

॥

पाँव धरना।

॥

बात कल की है, यहाँ पर,

॥

कत्ल जीवित वन हुआ था।

॥

जड़ मशीनें जी उठी थीं,

॥

और जड़ जीवन हुआ था।

॥

देख थी हैरान कुदरत,

॥

रात का दिन में

॥

उतरना।

॥

जो युगों से थे खड़े

॥

वे पेड़ धरती पर पड़े

थे।

॥

उस कुटिल तूफान से, तुम

॥

पूछना कैसे लड़े थे।

॥

याद

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗