कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
सभी रचनाएँ All writings सभ रचनाऊं
कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ३७ / ५२ № 37 of 52 रचना ३७ / ५२
२४ अगस्त २०१६ 24 August 2016 २४ अगस्त २०१६

इन्साफु किथे आ insaaphu kithe aa इन्साफु किथे आ

हिन

दुनिया में अहिड़ो को इंसानु किथे आ

जेको

दसे दुखीअ खे रहन्दो रामु किथे आ

करे

मज़ूरी मिले सुकल रोटी थी जिनि खे

हू

छा जाणनि सुपिननि जो संसारु किथे आ

सिजु

उभिरे या लहे दिसी छो वक्तु विञाइनि

पघरु

वहाइण वारनि खे आरामु किथे आ

दिनी दगा तिनि सभिनि, कयो मूँ जिनि ते वेसहु

ब्यनि खे कींअ बुधायाँ माँ, विश्वासु किथे आ

दोह बरी थ्यनि बेदोहिनि खे मिलनि सज़ाऊँ

कहिं

खाँ

hin

duniyaa men ahido ko insaanu kithe aa

·

jeko

dase dukheea khe rahando raamu kithe aa

·

kare

mazooree mile sukal rotee thee jini khe

·

hoo

chaa jaanani supinani jo sansaaru kithe aa

·

siju

ubhire yaa lahe disee cho waktu winaaini

·

pagharu

wahaain waarani khe aaraamu kithe aa

·

dinee dagaa tini sabhini, kayo moon jini te wesahu

·

byani khe keen budhaayaan maan, wishvaasu kithe aa

·

doh baree thyani bedohini khe milani sazaaoon

·

kahin

khaan

हिन

दुनिया में अहिड़ो को इंसानु किथे आ

जेको

दसे दुखीअ खे रहन्दो रामु किथे आ

करे

मज़ूरी मिले सुकल रोटी थी जिनि खे

हू

छा जाणनि सुपिननि जो संसारु किथे आ

सिजु

उभिरे या लहे दिसी छो वक्तु विञाइनि

पघरु

वहाइण वारनि खे आरामु किथे आ

दिनी दगा तिनि सभिनि, कयो मूँ जिनि ते वेसहु

ब्यनि खे कींअ बुधायाँ माँ, विश्वासु किथे आ

दोह बरी थ्यनि बेदोहिनि खे मिलनि सज़ाऊँ

कहिं

खाँ

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗