कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ३६ / ५२ № 36 of 52 रचना ३६ / ५२
२४ अगस्त २०१६ 24 August 2016 २४ अगस्त २०१६

बसंतु आयो basantu aayo बसंतु आयो

थधि

जा दींह छदे व्या जायूँ, बसंतु आयो।

॥

हलो

त गदिजी मौज मनायूँ, बसंतु आयो।

॥

तितिल्यूँ-भौंरा

लगा कलिनि खे गीत बुधाइण

॥

झुमिरि

हणण झिरिक्यूँ पिणि आयूँ, बसंतु आयो।

॥

सोनी

सरिहँ दिसी खेतनि में दिनऊँ किसाननि

॥

हिक बिए खे दिलि साँ वाधायूँ, बसंतु आयो।

॥

खूबु

वणे पई चाँड्रोकी ऐं चंडु गगन जो

॥

तारनि

जी झिरमिरि वाझायूँ, बसंतु आयो

thadhi

jaa deenh chade wyaa jaayoon, basantu aayo

·

halo

t gadijee mauj manaayoon, basantu aayo

·

titilyoon-bhaunraa

lagaa kalini khe geet budhaain

·

jhumiri

hanan jhirikyoon pini aayoon, basantu aayo

·

sonee

sarihan disee khetani men dinaoon kisaanani

·

hik bie khe dili saan waadhaayoon, basantu aayo

·

khoobu

wane paee chaandrokee ain chandu gagan jo

·

taarani

jee jhiramiri waajhaayoon, basantu aayo

थधि

जा दींह छदे व्या जायूँ, बसंतु आयो।

॥

हलो

त गदिजी मौज मनायूँ, बसंतु आयो।

॥

तितिल्यूँ-भौंरा

लगा कलिनि खे गीत बुधाइण

॥

झुमिरि

हणण झिरिक्यूँ पिणि आयूँ, बसंतु आयो।

॥

सोनी

सरिहँ दिसी खेतनि में दिनऊँ किसाननि

॥

हिक बिए खे दिलि साँ वाधायूँ, बसंतु आयो।

॥

खूबु

वणे पई चाँड्रोकी ऐं चंडु गगन जो

॥

तारनि

जी झिरमिरि वाझायूँ, बसंतु आयो

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗