बूँद-बूँद अनमोल boond-boond anamol बूँद-बूँद अनमोल
जल बरबाद न कीजिये, जानें इसका मोल।
सोच समझ नल खोलिए, बूँद-बूँद अनमोल।
क्या रह सकते हम कभी, बिन पानी दिन एक?
खुद से उत्तर माँगिए, करके प्रश्न अनेक।
बादल रूठे जब हुआ, पानी अंतर्ध्यान।
बूँदों की खातिर किए, यज्ञ, हवन, तप, दान।
जल बिन रूखे भोज्य हैं, जल बिन कैसा राज।
रक्षण एक उपाय ही, समाधान है आज।
जल के
jal barabaad n keejiye, jaanen isakaa mol
soch samajh nal kholie, boond-boond anamol
kyaa rah sakate ham kabhee, bin paanee din ek?
khud se uttar maangie, karake prashn anek
baadal roothe jab huaa, paanee antardhyaan
boondon kee khaatir kie, yajn, hawan, tap, daan
jal bin rookhe bhojy hain, jal bin kaisaa raaj
rakshan ek upaay hee, samaadhaan hai aaj
jal ke
जल बरबाद न कीजिये, जानें इसका मोल।
सोच समझ नल खोलिए, बूँद-बूँद अनमोल।
क्या रह सकते हम कभी, बिन पानी दिन एक?
खुद से उत्तर माँगिए, करके प्रश्न अनेक।
बादल रूठे जब हुआ, पानी अंतर्ध्यान।
बूँदों की खातिर किए, यज्ञ, हवन, तप, दान।
जल बिन रूखे भोज्य हैं, जल बिन कैसा राज।
रक्षण एक उपाय ही, समाधान है आज।
जल के