हिन्दी की मशाल hindee kee mashaal हिन्दी की मशाल
हिन्दी
का हाथ थाम लें
भारत
की जय के वास्ते।
प्रसार
से विकास के
खुलेंगे
सारे रास्ते।
अभिव्यक्ति
में है श्रेष्ठतम
सरल
सहज है भाव में।
सुबोधिनी
सुभाष्य है
समृद्ध
है विधाओं में।
आगे
रहेगी सर्वदा
जो
हक इसे दिला सके
प्रसार
से विकास के खुलेंगे सारे रास्ते।
है
संस्कृति का लेख ये
अमिट
है सत्य सार है।
नित
नए विकल्प का
खुला
प्रवेश द्वार है।
कि
पथ
hindee
kaa haath thaam len
bhaarat
kee jay ke waaste
prasaar
se wikaas ke
khulenge
saare raaste
abhivyakti
men hai shreshthatam
saral
sahaj hai bhaaw men
subodhinee
subhaashy hai
samriiddh
hai widhaaon men
aage
rahegee sarvadaa
jo
hak ise dilaa sake
prasaar
se wikaas ke khulenge saare raaste
hai
sanskriiti kaa lekh ye
amit
hai saty saar hai
nit
nae wikalp kaa
khulaa
prawesh dvaar hai
ki
path
हिन्दी
का हाथ थाम लें
भारत
की जय के वास्ते।
प्रसार
से विकास के
खुलेंगे
सारे रास्ते।
अभिव्यक्ति
में है श्रेष्ठतम
सरल
सहज है भाव में।
सुबोधिनी
सुभाष्य है
समृद्ध
है विधाओं में।
आगे
रहेगी सर्वदा
जो
हक इसे दिला सके
प्रसार
से विकास के खुलेंगे सारे रास्ते।
है
संस्कृति का लेख ये
अमिट
है सत्य सार है।
नित
नए विकल्प का
खुला
प्रवेश द्वार है।
कि
पथ