कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना २८ / १६४ № 28 of 164 रचना २८ / १६४
१५ अगस्त २०१३ 15 August 2013 १५ अगस्त २०१३

हिन्दी की मशाल hindee kee mashaal हिन्दी की मशाल

हिन्दी

का हाथ थाम लें

॥

भारत

की जय के वास्ते।

॥

प्रसार

से विकास के

॥

खुलेंगे

सारे रास्ते।

॥

अभिव्यक्ति

में है श्रेष्ठतम

॥

सरल

सहज है भाव में।

॥

सुबोधिनी

सुभाष्य है

॥

समृद्ध

है विधाओं में।

॥

आगे

रहेगी सर्वदा

॥

जो

हक इसे दिला सके

॥

प्रसार

से विकास के खुलेंगे सारे रास्ते।

॥

है

संस्कृति का लेख ये

॥

अमिट

है सत्य सार है।

॥

नित

नए विकल्प का

॥

खुला

प्रवेश द्वार है।

॥

कि

पथ

hindee

kaa haath thaam len

·

bhaarat

kee jay ke waaste

·

prasaar

se wikaas ke

·

khulenge

saare raaste

·

abhivyakti

men hai shreshthatam

·

saral

sahaj hai bhaaw men

·

subodhinee

subhaashy hai

·

samriiddh

hai widhaaon men

·

aage

rahegee sarvadaa

·

jo

hak ise dilaa sake

·

prasaar

se wikaas ke khulenge saare raaste

·

hai

sanskriiti kaa lekh ye

·

amit

hai saty saar hai

·

nit

nae wikalp kaa

·

khulaa

prawesh dvaar hai

·

ki

path

हिन्दी

का हाथ थाम लें

॥

भारत

की जय के वास्ते।

॥

प्रसार

से विकास के

॥

खुलेंगे

सारे रास्ते।

॥

अभिव्यक्ति

में है श्रेष्ठतम

॥

सरल

सहज है भाव में।

॥

सुबोधिनी

सुभाष्य है

॥

समृद्ध

है विधाओं में।

॥

आगे

रहेगी सर्वदा

॥

जो

हक इसे दिला सके

॥

प्रसार

से विकास के खुलेंगे सारे रास्ते।

॥

है

संस्कृति का लेख ये

॥

अमिट

है सत्य सार है।

॥

नित

नए विकल्प का

॥

खुला

प्रवेश द्वार है।

॥

कि

पथ

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗