कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना २७ / १६३ № 27 of 163 रचना २७ / १६३
१५ अगस्त २०१३ 15 August 2013 १५ अगस्त २०१३

हस्ताक्षर हिन्दी के hastaakshar hindee ke हस्ताक्षर हिन्दी के

कोटि

कोटि जन के मुख से

गूँजें

स्वर हिन्दी के।

विश्व

फ़लक पर अमिट बनें

हस्ताक्षर

हिन्दी के।

जन

जन हाथ बढ़ाए आगे।

हिन्दी

का हक़, हक़ से माँगे।

हिन्दी

की जय घर घर छाए।

ज़ुबाँ-ज़ुबाँ को हिन्दी भाए।

विजय

पताका पर लिख दें

स्वर्णाक्षर

हिन्दी के।

हिन्दी

सुगम सुरों की वाणी।

सुखदाई

है जन कल्याणी।

रस, समास,

छंदों की सरिता।

भाव

अलंकृत सार गर्भिता।

koti

koti jan ke mukh se

·

goonjen

svar hindee ke

·

wishv

falak par amit banen

·

hastaakshar

hindee ke

·

jan

jan haath bढ़aae aage

·

hindee

kaa haq, haq se maange

·

hindee

kee jay ghar ghar chaae

·

zubaan-zubaan ko hindee bhaae

·

wijay

pataakaa par likh den

·

svarnaakshar

hindee ke

·

hindee

sugam suron kee waanee

·

sukhadaaee

hai jan kalyaanee

·

ras, samaas,

chandon kee saritaa

·

bhaaw

alankriit saar garbhitaa

कोटि

कोटि जन के मुख से

गूँजें

स्वर हिन्दी के।

विश्व

फ़लक पर अमिट बनें

हस्ताक्षर

हिन्दी के।

जन

जन हाथ बढ़ाए आगे।

हिन्दी

का हक़, हक़ से माँगे।

हिन्दी

की जय घर घर छाए।

ज़ुबाँ-ज़ुबाँ को हिन्दी भाए।

विजय

पताका पर लिख दें

स्वर्णाक्षर

हिन्दी के।

हिन्दी

सुगम सुरों की वाणी।

सुखदाई

है जन कल्याणी।

रस, समास,

छंदों की सरिता।

भाव

अलंकृत सार गर्भिता।

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗