कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना २७ / १६४ № 27 of 164 रचना २७ / १६४
१५ अगस्त २०१३ 15 August 2013 १५ अगस्त २०१३

हस्ताक्षर हिन्दी के hastaakshar hindee ke हस्ताक्षर हिन्दी के

कोटि

कोटि जन के मुख से

॥

गूँजें

स्वर हिन्दी के।

॥

विश्व

फ़लक पर अमिट बनें

॥

हस्ताक्षर

हिन्दी के।

॥

जन

जन हाथ बढ़ाए आगे।

॥

हिन्दी

का हक़, हक़ से माँगे।

॥

हिन्दी

की जय घर घर छाए।

॥

ज़ुबाँ-ज़ुबाँ को हिन्दी भाए।

॥

विजय

पताका पर लिख दें

॥

स्वर्णाक्षर

हिन्दी के।

॥

हिन्दी

सुगम सुरों की वाणी।

॥

सुखदाई

है जन कल्याणी।

॥

रस, समास,

छंदों की सरिता।

॥

भाव

अलंकृत सार गर्भिता।

koti

koti jan ke mukh se

·

goonjen

svar hindee ke

·

wishv

falak par amit banen

·

hastaakshar

hindee ke

·

jan

jan haath bढ़aae aage

·

hindee

kaa haq, haq se maange

·

hindee

kee jay ghar ghar chaae

·

zubaan-zubaan ko hindee bhaae

·

wijay

pataakaa par likh den

·

svarnaakshar

hindee ke

·

hindee

sugam suron kee waanee

·

sukhadaaee

hai jan kalyaanee

·

ras, samaas,

chandon kee saritaa

·

bhaaw

alankriit saar garbhitaa

कोटि

कोटि जन के मुख से

॥

गूँजें

स्वर हिन्दी के।

॥

विश्व

फ़लक पर अमिट बनें

॥

हस्ताक्षर

हिन्दी के।

॥

जन

जन हाथ बढ़ाए आगे।

॥

हिन्दी

का हक़, हक़ से माँगे।

॥

हिन्दी

की जय घर घर छाए।

॥

ज़ुबाँ-ज़ुबाँ को हिन्दी भाए।

॥

विजय

पताका पर लिख दें

॥

स्वर्णाक्षर

हिन्दी के।

॥

हिन्दी

सुगम सुरों की वाणी।

॥

सुखदाई

है जन कल्याणी।

॥

रस, समास,

छंदों की सरिता।

॥

भाव

अलंकृत सार गर्भिता।

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗