कर में बसते देवता kar men basate dewataa कर में बसते देवता
कर में बसते देवता, कर दर्शन नित प्रात
एक नए संकल्प से
दिन की हो शुरुवात।
कर दाता, कर दीन भी, जैसा करें प्रयोग।
छिपा हुआ हर हाथ
में,
सुख दुख का संजोग।
दिखलाती हर रेख
है,
जीवन की तस्वीर।
अपने हाथ सँवार
लें,
खुद अपनी तकदीर।
अपनेपन से है
बड़ा,
भाव न दूजा कोय।
हाथ मिलें तो
गैर भी, पल में अपना होय।
गुस्से
में जब कर उठे, मन
हो जाता खिन्न।
kar men basate dewataa, kar darshan nit praat
ek nae sankalp se
din kee ho shuruwaat
kar daataa, kar deen bhee, jaisaa karen prayog
chipaa huaa har haath
men,
sukh dukh kaa sanjog
dikhalaatee har rekh
hai,
jeewan kee tasveer
apane haath sanvaar
len,
khud apanee takadeer
apanepan se hai
badaa,
bhaaw n doojaa koy
haath milen to
gair bhee, pal men apanaa hoy
gusse
men jab kar uthe, man
ho jaataa khinn
कर में बसते देवता, कर दर्शन नित प्रात
एक नए संकल्प से
दिन की हो शुरुवात।
कर दाता, कर दीन भी, जैसा करें प्रयोग।
छिपा हुआ हर हाथ
में,
सुख दुख का संजोग।
दिखलाती हर रेख
है,
जीवन की तस्वीर।
अपने हाथ सँवार
लें,
खुद अपनी तकदीर।
अपनेपन से है
बड़ा,
भाव न दूजा कोय।
हाथ मिलें तो
गैर भी, पल में अपना होय।
गुस्से
में जब कर उठे, मन
हो जाता खिन्न।