मंगल मूरत गणपति देवा mangal moorat ganapati dewaa मंगल मूरत गणपति देवा
देवों
में जो पूज्य प्रथम है, शीघ्र सँवारे सबके काम।
मंगल
मूरत गणपति देवा,
है वो पावन प्यारा नाम।
भक्ति
भरा हर मन हो जाता,
भादों शुक्ल चतुर्थी पर
सुंदर
सौम्य सजी प्रतिमा से, हर
घर बन जाता है धाम।
भोग
लगाकर पूजा होती,
व्रत उपवास किए जाते
गणपति
जी की गाई जाती, आरति मन से सुबहो शाम।
चल
पड़ती जब सजकर झाँकी, ढोल
मँजीरे साथ लिए
झूम
उठता यौवन मस्ती में,
सड़कों पर लग जाता जाम।
फिर
फिर से हर साल विराजें, देव, यही अभिलाषा है
विनती
हो स्वीकार हमारी, करते
बारम्बार प्रणाम।
-कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी
dewon
men jo poojy pratham hai, sheeghr sanvaare sabake kaam
mangal
moorat ganapati dewaa,
hai wo paawan pyaaraa naam
bhakti
bharaa har man ho jaataa,
bhaadon shukl chaturthee par
sundar
saumy sajee pratimaa se, har
ghar ban jaataa hai dhaam
bhog
lagaakar poojaa hotee,
wrat upawaas kie jaate
ganapati
jee kee gaaee jaatee, aarati man se subaho shaam
chal
padatee jab sajakar jhaankee, dhol
manjeere saath lie
jhoom
uthataa yauwan mastee men,
sadakon par lag jaataa jaam
phir
phir se har saal wiraajen, dew, yahee abhilaashaa hai
winatee
ho sveekaar hamaaree, karate
baarambaar pranaam
-kalpanaa raamaanee protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar
punah padhaarie
-kalpanaa raamaanee
देवों
में जो पूज्य प्रथम है, शीघ्र सँवारे सबके काम।
मंगल
मूरत गणपति देवा,
है वो पावन प्यारा नाम।
भक्ति
भरा हर मन हो जाता,
भादों शुक्ल चतुर्थी पर
सुंदर
सौम्य सजी प्रतिमा से, हर
घर बन जाता है धाम।
भोग
लगाकर पूजा होती,
व्रत उपवास किए जाते
गणपति
जी की गाई जाती, आरति मन से सुबहो शाम।
चल
पड़ती जब सजकर झाँकी, ढोल
मँजीरे साथ लिए
झूम
उठता यौवन मस्ती में,
सड़कों पर लग जाता जाम।
फिर
फिर से हर साल विराजें, देव, यही अभिलाषा है
विनती
हो स्वीकार हमारी, करते
बारम्बार प्रणाम।
-कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
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-कल्पना रामानी