माँ तुम जीवन ज्योत्सना maan tum jeewan jyotsanaa माँ तुम जीवन ज्योत्सना
माँ तुम जीवन ज्योत्सना, तुम जन्मों का सार।
प्रातः का तुम मंत्र हो, तुम्हें नमन शत बार।
त्याग तुम्हारा जग विदित, ममता
प्रेम अगाध।
हृदय हिलोरें मारती, संतति सुख की
साध।
किया बाल-हठ कृष्ण ने, माँ तुम
कितनी धीर।
पुत्र प्रेम हित युक्ति से, चाँद
उतारा नीर।
माँ तुम केवल दायिनी, लेने की कब
चाह।
सुख वारे संतान पर, दुख की चुन
ली राह।
maan tum jeewan jyotsanaa, tum janmon kaa saar
praatah kaa tum mantr ho, tumhen naman shat baar
tyaag tumhaaraa jag widit, mamataa
prem agaadh
hriiday hiloren maaratee, santati sukh kee
saadh
kiyaa baal-hath kriishn ne, maan tum
kitanee dheer
putr prem hit yukti se, chaand
utaaraa neer
maan tum kewal daayinee, lene kee kab
chaah
sukh waare santaan par, dukh kee chun
lee raah
माँ तुम जीवन ज्योत्सना, तुम जन्मों का सार।
प्रातः का तुम मंत्र हो, तुम्हें नमन शत बार।
त्याग तुम्हारा जग विदित, ममता
प्रेम अगाध।
हृदय हिलोरें मारती, संतति सुख की
साध।
किया बाल-हठ कृष्ण ने, माँ तुम
कितनी धीर।
पुत्र प्रेम हित युक्ति से, चाँद
उतारा नीर।
माँ तुम केवल दायिनी, लेने की कब
चाह।
सुख वारे संतान पर, दुख की चुन
ली राह।