सोच रहे थे पेड़ soch rahe the ped सोच रहे थे पेड़
सड़क किनारे के सभी, सोच रहे थे पेड़
मानव से चलकर कहें, अब मत हमको छेड़।
फल छाया देंगे नहीं, नहीं सहेंगे दाब
सींचो पहले प्रेम से, पाओ सुफल जनाब।
हमने छाया दी तुम्हें, कैसा ये अंधेर
तुमने हमको काटकर, किया काष्ठ का ढेर।
बेच बेच फल फूल से, फैलाया व्यापार
करते रहे निरीह पर, फिर भी अत्याचार।
धिक्कृत तेरा स्वार्थ है, धिक्कृत मायामोह
हम भी तुमसे कम
sadak kinaare ke sabhee, soch rahe the ped
maanaw se chalakar kahen, ab mat hamako ched
phal chaayaa denge naheen, naheen sahenge daab
seencho pahale prem se, paao suphal janaab
hamane chaayaa dee tumhen, kaisaa ye andher
tumane hamako kaatakar, kiyaa kaashth kaa dher
bech bech phal phool se, phailaayaa wyaapaar
karate rahe nireeh par, phir bhee atyaachaar
dhikkriit teraa svaarth hai, dhikkriit maayaamoh
ham bhee tumase kam
सड़क किनारे के सभी, सोच रहे थे पेड़
मानव से चलकर कहें, अब मत हमको छेड़।
फल छाया देंगे नहीं, नहीं सहेंगे दाब
सींचो पहले प्रेम से, पाओ सुफल जनाब।
हमने छाया दी तुम्हें, कैसा ये अंधेर
तुमने हमको काटकर, किया काष्ठ का ढेर।
बेच बेच फल फूल से, फैलाया व्यापार
करते रहे निरीह पर, फिर भी अत्याचार।
धिक्कृत तेरा स्वार्थ है, धिक्कृत मायामोह
हम भी तुमसे कम