महती महिमा योग की mahatee mahimaa yog kee महती महिमा योग की
महती महिमा योग की, जिसने जानी मीत
नहीं सताएगी उसे, गर्मी हो या शीत।
जुड़ा हुआ है स्वास्थ्य
से, सुख दुख का संजोग।
मूल मंत्र यह
जानिए, योग भगाए रोग।
भोग संग यदि योग
भी, हो जीवन का अंग।
धूमिल ना होगा
कभी, यौवन का नवरंग।
दिनचर्या यदि
चुस्त हो, और स्वस्थ हो सोच।
होगी रक्त
प्रवाह से, अंग-अंग में लोच।
योग मनुष
के मेटता, मन से दुष्ट विचार।&
mahatee mahimaa yog kee, jisane jaanee meet
naheen sataaegee use, garmee ho yaa sheet
judaa huaa hai svaasthy
se, sukh dukh kaa sanjog
mool mantr yah
jaanie, yog bhagaae rog
bhog sang yadi yog
bhee, ho jeewan kaa ang
dhoomil naa hogaa
kabhee, yauwan kaa nawarang
dinacharyaa yadi
chust ho, aur svasth ho soch
hogee rakt
prawaah se, ang-ang men loch
yog manush
ke metataa, man se dusht wichaar&
महती महिमा योग की, जिसने जानी मीत
नहीं सताएगी उसे, गर्मी हो या शीत।
जुड़ा हुआ है स्वास्थ्य
से, सुख दुख का संजोग।
मूल मंत्र यह
जानिए, योग भगाए रोग।
भोग संग यदि योग
भी, हो जीवन का अंग।
धूमिल ना होगा
कभी, यौवन का नवरंग।
दिनचर्या यदि
चुस्त हो, और स्वस्थ हो सोच।
होगी रक्त
प्रवाह से, अंग-अंग में लोच।
योग मनुष
के मेटता, मन से दुष्ट विचार।&