पापा मेरे करें न चिंता paapaa mere karen n chintaa पापा मेरे करें न चिंता
पापा कहते हैं, मैं पढ़ लिख
जग में नाम कमाऊँ।
चौराहे पर सोच रहा मन
कौन दिशा में जाऊँ।
शिक्षक तो बन जाऊँ लेकिन
बात न ये आएगी रास।
कोरे ठेठ अँगूठों को भी
लोग कहेंगे कर दो पास।
हो गुमराह नई पीढ़ी वो
कैसे द्वार दिखाऊँ।
इंजीनियर बनूँ या डॉक्टर
पर है मन में प्रश्न वही।
रिश्वत बिना कहाँ बजती है
इस मारग पर भी तुरही।
paapaa kahate hain, main pढ़ likh
jag men naam kamaaoon
chauraahe par soch rahaa man
kaun dishaa men jaaoon
shikshak to ban jaaoon lekin
baat n ye aaegee raas
kore theth angoothon ko bhee
log kahenge kar do paas
ho gumaraah naee peeढ़ee wo
kaise dvaar dikhaaoon
injeeniyar banoon yaa dॉktar
par hai man men prashn wahee
rishvat binaa kahaan bajatee hai
is maarag par bhee turahee
पापा कहते हैं, मैं पढ़ लिख
जग में नाम कमाऊँ।
चौराहे पर सोच रहा मन
कौन दिशा में जाऊँ।
शिक्षक तो बन जाऊँ लेकिन
बात न ये आएगी रास।
कोरे ठेठ अँगूठों को भी
लोग कहेंगे कर दो पास।
हो गुमराह नई पीढ़ी वो
कैसे द्वार दिखाऊँ।
इंजीनियर बनूँ या डॉक्टर
पर है मन में प्रश्न वही।
रिश्वत बिना कहाँ बजती है
इस मारग पर भी तुरही।