कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ४८ / १६४ № 48 of 164 रचना ४८ / १६४
२४ दिसम्बर २०१३ 24 December 2013 २४ दिसम्बर २०१३

पापा मेरे करें न चिंता paapaa mere karen n chintaa पापा मेरे करें न चिंता

पापा कहते हैं, मैं पढ़ लिख

॥

जग में नाम कमाऊँ।

॥

चौराहे पर सोच रहा मन

॥

कौन दिशा में जाऊँ।

॥

शिक्षक तो बन जाऊँ लेकिन

॥

बात न ये आएगी रास।

॥

कोरे ठेठ अँगूठों को भी

॥

लोग कहेंगे कर दो पास।

॥

हो गुमराह नई पीढ़ी वो

॥

कैसे द्वार दिखाऊँ।

॥

इंजीनियर बनूँ या डॉक्टर

॥

पर है मन में प्रश्न वही।

॥

रिश्वत बिना कहाँ बजती है

॥

इस मारग पर भी तुरही।

paapaa kahate hain, main pढ़ likh

·

jag men naam kamaaoon

·

chauraahe par soch rahaa man

·

kaun dishaa men jaaoon

·

shikshak to ban jaaoon lekin

·

baat n ye aaegee raas

·

kore theth angoothon ko bhee

·

log kahenge kar do paas

·

ho gumaraah naee peeढ़ee wo

·

kaise dvaar dikhaaoon

·

injeeniyar banoon yaa dॉktar

·

par hai man men prashn wahee

·

rishvat binaa kahaan bajatee hai

·

is maarag par bhee turahee

पापा कहते हैं, मैं पढ़ लिख

॥

जग में नाम कमाऊँ।

॥

चौराहे पर सोच रहा मन

॥

कौन दिशा में जाऊँ।

॥

शिक्षक तो बन जाऊँ लेकिन

॥

बात न ये आएगी रास।

॥

कोरे ठेठ अँगूठों को भी

॥

लोग कहेंगे कर दो पास।

॥

हो गुमराह नई पीढ़ी वो

॥

कैसे द्वार दिखाऊँ।

॥

इंजीनियर बनूँ या डॉक्टर

॥

पर है मन में प्रश्न वही।

॥

रिश्वत बिना कहाँ बजती है

॥

इस मारग पर भी तुरही।

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗