योग स्वास्थ्य का मूल है yog svaasthy kaa mool hai योग स्वास्थ्य का मूल है
योग स्वास्थ्य का मूल है, प्रात भ्रमण है प्राण।
रहे निरोगी तन सदा, मिले कष्ट से
त्राण।
सहज हास्य से हो अगर, हर दिन की शुरुआत।
शुद्ध रक्त संचार हो, रोग करे नहिं घात।
प्रेम रसों से सींचिए, जीवन का उद्यान।
खुशियों के अंकुर उगें, मिले सुफल वरदान।
पर हित को तत्पर रहें, बड़े पुण्य का काम।
मान बढ़ेगा आपका, होगा ऊँचा नाम।
तीखी
yog svaasthy kaa mool hai, praat bhraman hai praan
rahe nirogee tan sadaa, mile kasht se
traan
sahaj haasy se ho agar, har din kee shuruaat
shuddh rakt sanchaar ho, rog kare nahin ghaat
prem rason se seenchie, jeewan kaa udyaan
khushiyon ke ankur ugen, mile suphal waradaan
par hit ko tatpar rahen, bade puny kaa kaam
maan bढ़egaa aapakaa, hogaa oonchaa naam
teekhee
योग स्वास्थ्य का मूल है, प्रात भ्रमण है प्राण।
रहे निरोगी तन सदा, मिले कष्ट से
त्राण।
सहज हास्य से हो अगर, हर दिन की शुरुआत।
शुद्ध रक्त संचार हो, रोग करे नहिं घात।
प्रेम रसों से सींचिए, जीवन का उद्यान।
खुशियों के अंकुर उगें, मिले सुफल वरदान।
पर हित को तत्पर रहें, बड़े पुण्य का काम।
मान बढ़ेगा आपका, होगा ऊँचा नाम।
तीखी