जंगल में अतिक्रमण की... jangal men atikraman kee जंगल में अतिक्रमण की...
जंगल में अतिक्रमण की, जब से सुलगी आग।
वन जीवों में मच गई, सहसा भागमभाग।
पेड़ सभी कटने लगे, देख न कोई आस।
हिरण चौकड़ी भूलकर, कोने खड़ा उदास।
कल तक जो रानी बनी, देती थी आदेश।
सुपर सयानी लोमड़ी, भूल गई उपदेश।
आसमान पर छा रही, खूब घटा घनघोर।
मगर मोर चुपचाप है, नहीं मचाता शोर।
चिंतित है खरगोश भी, सोच रहा खामोश।
jangal men atikraman kee, jab se sulagee aag
wan jeewon men mach gaee, sahasaa bhaagamabhaag
ped sabhee katane lage, dekh n koee aas
hiran chaukadee bhoolakar, kone khadaa udaas
kal tak jo raanee banee, detee thee aadesh
supar sayaanee lomadee, bhool gaee upadesh
aasamaan par chaa rahee, khoob ghataa ghanaghor
magar mor chupachaap hai, naheen machaataa shor
chintit hai kharagosh bhee, soch rahaa khaamosh
जंगल में अतिक्रमण की, जब से सुलगी आग।
वन जीवों में मच गई, सहसा भागमभाग।
पेड़ सभी कटने लगे, देख न कोई आस।
हिरण चौकड़ी भूलकर, कोने खड़ा उदास।
कल तक जो रानी बनी, देती थी आदेश।
सुपर सयानी लोमड़ी, भूल गई उपदेश।
आसमान पर छा रही, खूब घटा घनघोर।
मगर मोर चुपचाप है, नहीं मचाता शोर।
चिंतित है खरगोश भी, सोच रहा खामोश।