कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी दोहा Doha दोहो · रचना १५ / ६७ № 15 of 67 रचना १५ / ६७
३ नवम्बर २०१२ 3 November 2012 ३ नवम्बर २०१२

माँ लक्ष्मी दे दो हमें maan lakshmee de do hamen माँ लक्ष्मी दे दो हमें

माँ लक्ष्मी दे दो हमें, ऐसा तुम वरदान।

॥

तिमिर विश्व का दूर कर, फैलाएँ

सदज्ञान।

॥

युग युग से जलते रहे, दीप हमारे

द्वार।

॥

माँ तुम आकर मेट दो, अंतरतम इस

बार।

॥

राह दिखाओ माँ हमें, बढ़ें कदम जिस छोर

दीपक प्रेम-प्रकाश के, जगमग हों उस ओर।

॥

चाह नहीं धन की हमें, नहीं चाहते ताज।

रावण राज्य विनष्ट हो, चाहें पुनः

maan lakshmee de do hamen, aisaa tum waradaan

·

timir wishv kaa door kar, phailaaen

sadajnaan

·

yug yug se jalate rahe, deep hamaare

dvaar

·

maan tum aakar met do, antaratam is

baar

·

raah dikhaao maan hamen, bढ़en kadam jis chor

deepak prem-prakaash ke, jagamag hon us or

·

chaah naheen dhan kee hamen, naheen chaahate taaj

raawan raajy winasht ho, chaahen punah

माँ लक्ष्मी दे दो हमें, ऐसा तुम वरदान।

॥

तिमिर विश्व का दूर कर, फैलाएँ

सदज्ञान।

॥

युग युग से जलते रहे, दीप हमारे

द्वार।

॥

माँ तुम आकर मेट दो, अंतरतम इस

बार।

॥

राह दिखाओ माँ हमें, बढ़ें कदम जिस छोर

दीपक प्रेम-प्रकाश के, जगमग हों उस ओर।

॥

चाह नहीं धन की हमें, नहीं चाहते ताज।

रावण राज्य विनष्ट हो, चाहें पुनः

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗