गगन में छाए हैं बादल gagan men chaae hain baadal गगन में छाए हैं बादल
गगन में छाए हैं बादल,
निकल के देखते हैं।
उड़ी सुगंध फिज़ाओं में चल के देखते हैं।
सुदूर गोद में वादी की,
गुल परी उतरी
प्रियम! हो साथ तुम्हारा,
तो चल के देखते हैं।
उतर के आई है आँगन, बरात बूँदों की
बुला रहा है लड़कपन,
मचल के देखते हैं।
अगन ये प्यार की कैसी,
कोई बताए ज़रा
मिला है क्या, जो पतंगे यूँ जल के देखते हैं।
नज़र में जिन को बसाया था मानकर अपना
फरेबी आज वे नज़रें,
बदल के देखते हैं।
चले तो आए हैं, महफिल में शायरों की सखी
अभी कुछ और करिश्में,
ग़ज़ल के देखते हैं।
विगत को भूल ही जाएँ,
तो ‘कल्पना’ अच्छा
सुखी वही जो सहारे,
नवल के देखते हैं।
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी
gagan men chaae hain baadal,
nikal ke dekhate hain
udee sugandh phizaaon men chal ke dekhate hain
sudoor god men waadee kee,
gul paree utaree
priyam! ho saath tumhaaraa,
to chal ke dekhate hain
utar ke aaee hai aangan, baraat boondon kee
bulaa rahaa hai ladakapan,
machal ke dekhate hain
agan ye pyaar kee kaisee,
koee bataae zaraa
milaa hai kyaa, jo patange yoon jal ke dekhate hain
nazar men jin ko basaayaa thaa maanakar apanaa
pharebee aaj we nazaren,
badal ke dekhate hain
chale to aae hain, mahaphil men shaayaron kee sakhee
abhee kuch aur karishmen,
gazal ke dekhate hain
wigat ko bhool hee jaaen,
to ‘kalpanaa’ achchaa
sukhee wahee jo sahaare,
nawal ke dekhate hain
-kalpanaa raamaanee
protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar
punah padhaarie
-kalpanaa raamaanee
गगन में छाए हैं बादल,
निकल के देखते हैं।
उड़ी सुगंध फिज़ाओं में चल के देखते हैं।
सुदूर गोद में वादी की,
गुल परी उतरी
प्रियम! हो साथ तुम्हारा,
तो चल के देखते हैं।
उतर के आई है आँगन, बरात बूँदों की
बुला रहा है लड़कपन,
मचल के देखते हैं।
अगन ये प्यार की कैसी,
कोई बताए ज़रा
मिला है क्या, जो पतंगे यूँ जल के देखते हैं।
नज़र में जिन को बसाया था मानकर अपना
फरेबी आज वे नज़रें,
बदल के देखते हैं।
चले तो आए हैं, महफिल में शायरों की सखी
अभी कुछ और करिश्में,
ग़ज़ल के देखते हैं।
विगत को भूल ही जाएँ,
तो ‘कल्पना’ अच्छा
सुखी वही जो सहारे,
नवल के देखते हैं।
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी