उत्तर यहीं अड़ा है uttar yaheen adaa hai उत्तर यहीं अड़ा है
पावस का इस बार देश पर,
प्यार बहुत उमड़ा है।
लेकिन क्या सुख संचय होगा?
संशय नाग
खड़ा है।
मक्कारी,
गद्दारी, लालच
शासन के कलपुर्ज़े।
बूँद-बूँद को चट कर देंगे
घन बरसे या गरजे।
भरे सकल जल-स्रोत लबालब
सागर ज्वार चढ़ा है।
मगर उसे नल नहलाएगा?
चिंतित मलिन
घड़ा है।
बन मशीन मानव ने भू के
रोम-रोम को वेधा।
क्यों कुदरत
paawas kaa is baar desh par,
pyaar bahut umadaa hai
lekin kyaa sukh sanchay hogaa?
sanshay naag
khadaa hai
makkaaree,
gaddaaree, laalach
shaasan ke kalapurze
boond-boond ko chat kar denge
ghan barase yaa garaje
bhare sakal jal-srot labaalab
saagar jvaar chढ़aa hai
magar use nal nahalaaegaa?
chintit malin
ghadaa hai
ban masheen maanaw ne bhoo ke
rom-rom ko wedhaa
kyon kudarat
पावस का इस बार देश पर,
प्यार बहुत उमड़ा है।
लेकिन क्या सुख संचय होगा?
संशय नाग
खड़ा है।
मक्कारी,
गद्दारी, लालच
शासन के कलपुर्ज़े।
बूँद-बूँद को चट कर देंगे
घन बरसे या गरजे।
भरे सकल जल-स्रोत लबालब
सागर ज्वार चढ़ा है।
मगर उसे नल नहलाएगा?
चिंतित मलिन
घड़ा है।
बन मशीन मानव ने भू के
रोम-रोम को वेधा।
क्यों कुदरत