कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ३८ / १६४ № 38 of 164 रचना ३८ / १६४
१ अक्तूबर २०१३ 1 October 2013 १ अक्तूबर २०१३

हौसलों के पंख hausalon ke pankh हौसलों के पंख

मुश्किलों

को मीत मानों

॥

जीत तय होगी।

॥

हौसलों को पंख दो तो

॥

चिर

विजय होगी।

॥

उड़ रहे पंछी प्रवासी

॥

अनवरत इक आस में।

॥

लक्ष्य पाने चल पड़े हैं

॥

फिर नए आकाश में।

॥

साथ हैं बहती हवाएँ

॥

और

पंखों पर गुमान।

॥

मंज़िलों को पा

ही लेंगे

॥

कर्म रत योगी।

॥

हाथ में पतवार है तो

॥

लाख फिर मँझधार हो।

॥

तट बढ़ेगा थामने तुम

॥

हौसलों

को थाम लो।

॥

ठोस

हों संकल्प

यदि

mushkilon

ko meet maanon

·

jeet tay hogee

·

hausalon ko pankh do to

·

chir

wijay hogee

·

ud rahe panchee prawaasee

·

anawarat ik aas men

·

lakshy paane chal pade hain

·

phir nae aakaash men

·

saath hain bahatee hawaaen

·

aur

pankhon par gumaan

·

manzilon ko paa

hee lenge

·

karm rat yogee

·

haath men patawaar hai to

·

laakh phir manjhadhaar ho

·

tat bढ़egaa thaamane tum

·

hausalon

ko thaam lo

·

thos

hon sankalp

yadi

मुश्किलों

को मीत मानों

॥

जीत तय होगी।

॥

हौसलों को पंख दो तो

॥

चिर

विजय होगी।

॥

उड़ रहे पंछी प्रवासी

॥

अनवरत इक आस में।

॥

लक्ष्य पाने चल पड़े हैं

॥

फिर नए आकाश में।

॥

साथ हैं बहती हवाएँ

॥

और

पंखों पर गुमान।

॥

मंज़िलों को पा

ही लेंगे

॥

कर्म रत योगी।

॥

हाथ में पतवार है तो

॥

लाख फिर मँझधार हो।

॥

तट बढ़ेगा थामने तुम

॥

हौसलों

को थाम लो।

॥

ठोस

हों संकल्प

यदि

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗