कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ३९ / १६३ № 39 of 163 रचना ३९ / १६३
३ अक्तूबर २०१३ 3 October 2013 ३ अक्तूबर २०१३

कल्पना रामानी एक जीता जागता चमत्कार--पूर्णिमा वर्मन//समीक्षा-"हौसलों के पंख" kalpanaa raamaanee ek jeetaa jaagataa chamatkaar--poornimaa warman//sameekshaa-"hausalon ke pankh" कल्पना रामानी एक जीता जागता चमत्कार--पूर्णिमा वर्मन//समीक्षा-"हौसलों के पंख"

कल्पना रामानी जी इंटरनेट और वेब का एक जीता जागता चमत्कार हैं। अगर इंटरनेट न होता तो हम इस चमत्कार से वंचित रह जाते। एक ऐसा चमत्कार जो देखते ही देखते एक सामान्य गृहणी को जानी-मानी रचनाकार के रूप में हम सबके सामने प्रकट कर दे। ऐसा कहना उनके अपने श्रम को नकारना नहीं है, बेशक उनमें प्रतिभा, लगन और मेधा का बीज कहीं छुपा था जो इंटरनेट की विभिन्न धाराओं से सिंचकर पल्लवित हो गया।

अभी कल की ही

kalpanaa raamaanee jee intaranet aur web kaa ek jeetaa jaagataa chamatkaar hain agar intaranet n hotaa to ham is chamatkaar se wanchit rah jaate ek aisaa chamatkaar jo dekhate hee dekhate ek saamaany griihanee ko jaanee-maanee rachanaakaar ke roop men ham sabake saamane prakat kar de aisaa kahanaa unake apane shram ko nakaaranaa naheen hai, beshak unamen pratibhaa, lagan aur medhaa kaa beej kaheen chupaa thaa jo intaranet kee wibhinn dhaaraaon se sinchakar pallawit ho gayaa

abhee kal kee hee

कल्पना रामानी जी इंटरनेट और वेब का एक जीता जागता चमत्कार हैं। अगर इंटरनेट न होता तो हम इस चमत्कार से वंचित रह जाते। एक ऐसा चमत्कार जो देखते ही देखते एक सामान्य गृहणी को जानी-मानी रचनाकार के रूप में हम सबके सामने प्रकट कर दे। ऐसा कहना उनके अपने श्रम को नकारना नहीं है, बेशक उनमें प्रतिभा, लगन और मेधा का बीज कहीं छुपा था जो इंटरनेट की विभिन्न धाराओं से सिंचकर पल्लवित हो गया।

अभी कल की ही

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗