देवता जागे dewataa jaage देवता जागे
देवता जागे, सजे मंडप, बजीं
शहनाइयाँ।
झिलमिलाते वस्त्र, आभूषण
निकल
बाज़ार से,
चल पड़े हैं तन सजाने वर-वधू
का प्यार से।
प्रेम का ले रंग
उभरेगी
हथेली पर, हिना।
हँस रही हल्दी, शगुन पूरा
नहीं उसके बिना।
सात फेरे फिर रहे, लेते हुए
अँगड़ाइयाँ।
हो रहे दूल्हे विकल, सेहरे
सजाकर शीश पर,
दंग दर्पण तक रहा है दुल्हनों
को भर नज़र।
चल पड़े हैं
बैंड-बाजे, संग
बाराती स्वजन।
भाँवरों के साथ
dewataa jaage, saje mandap, bajeen
shahanaaiyaan
jhilamilaate wastr, aabhooshan
nikal
baazaar se,
chal pade hain tan sajaane war-wadhoo
kaa pyaar se
prem kaa le rang
ubharegee
hathelee par, hinaa
hans rahee haldee, shagun pooraa
naheen usake binaa
saat phere phir rahe, lete hue
angadaaiyaan
ho rahe doolhe wikal, sehare
sajaakar sheesh par,
dang darpan tak rahaa hai dulhanon
ko bhar nazar
chal pade hain
baind-baaje, sang
baaraatee svajan
bhaanvaron ke saath
देवता जागे, सजे मंडप, बजीं
शहनाइयाँ।
झिलमिलाते वस्त्र, आभूषण
निकल
बाज़ार से,
चल पड़े हैं तन सजाने वर-वधू
का प्यार से।
प्रेम का ले रंग
उभरेगी
हथेली पर, हिना।
हँस रही हल्दी, शगुन पूरा
नहीं उसके बिना।
सात फेरे फिर रहे, लेते हुए
अँगड़ाइयाँ।
हो रहे दूल्हे विकल, सेहरे
सजाकर शीश पर,
दंग दर्पण तक रहा है दुल्हनों
को भर नज़र।
चल पड़े हैं
बैंड-बाजे, संग
बाराती स्वजन।
भाँवरों के साथ