कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
सभी रचनाएँ All writings सभ रचनाऊं
कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ६६ / १६४ № 66 of 164 रचना ६६ / १६४
२९ मार्च २०१४ 29 March 2014 २९ मार्च २०१४

चलो नवगीत गाएँ chalo nawageet gaaen चलो नवगीत गाएँ

गर्दिशों के भूलकर शिकवे गिले,

॥

फिर उमंगों के चलो नवगीत गाएँ।

॥

प्रकृति आती

॥

रोज़ नव शृंगार कर।

॥

रूप अनुपम, रंग उजले

॥

गोद भर।

॥

जो हमारे हिय छुपा है चित्रकार,

॥

भाव की ले तूलिका उसको जगाएँ।

॥

झोलियाँ भर

॥

ख़ुशबुएँ लाती हवा।

॥

मखमली जाजम बिछा

॥

जाती घटा।

॥

ख़्वाहिशों के, बाग से चुनकर सुमन,

॥

शेष शूलों की चलो होली जलाएँ।

॥

नित्य खबरें

gardishon ke bhoolakar shikawe gile,

·

phir umangon ke chalo nawageet gaaen

·

prakriiti aatee

·

roz naw shriingaar kar

·

roop anupam, rang ujale

·

god bhar

·

jo hamaare hiy chupaa hai chitrakaar,

·

bhaaw kee le toolikaa usako jagaaen

·

jholiyaan bhar

·

kushabuen laatee hawaa

·

makhamalee jaajam bichaa

·

jaatee ghataa

·

kvaahishon ke, baag se chunakar suman,

·

shesh shoolon kee chalo holee jalaaen

·

nity khabaren

गर्दिशों के भूलकर शिकवे गिले,

॥

फिर उमंगों के चलो नवगीत गाएँ।

॥

प्रकृति आती

॥

रोज़ नव शृंगार कर।

॥

रूप अनुपम, रंग उजले

॥

गोद भर।

॥

जो हमारे हिय छुपा है चित्रकार,

॥

भाव की ले तूलिका उसको जगाएँ।

॥

झोलियाँ भर

॥

ख़ुशबुएँ लाती हवा।

॥

मखमली जाजम बिछा

॥

जाती घटा।

॥

ख़्वाहिशों के, बाग से चुनकर सुमन,

॥

शेष शूलों की चलो होली जलाएँ।

॥

नित्य खबरें

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗