कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया · रचना ४१ / ६३ № 41 of 63 रचना ४१ / ६३
२६ मार्च २०१४ 26 March 2014 २६ मार्च २०१४

सीमा रक्षा हित खड़े सीना तान जवान seemaa rakshaa hit khade seenaa taan jawaan सीमा रक्षा हित खड़े सीना तान जवान

सीमा रक्षा हित खड़े, सीना तान जवान।

अपने अपने देश का, इनको बड़ा गुमान।

इनको बड़ा गुमान, सदा चौकन्ने रहते

लिए हथेली जान, कष्ट सारे ये सहते।

करे न दुश्मन घात, नहीं हो भंग सुरक्षा

करते वीर जवान, इसी हित सीमा रक्षा।

प्रहरी ये निज देश के, सच्चे वीर सपूत।

नस-नस में इनकी भरा, जज़्बा-जोश अकूत।

जज़्बा-जोश अकूत, अखंडित इनमें देखा।

किसकी भला मजाल, कि लाँघे लक्ष्मण रेखा।

सीमा पर सिर तान,

seemaa rakshaa hit khade, seenaa taan jawaan

·

apane apane desh kaa, inako badaa gumaan

·

inako badaa gumaan, sadaa chaukanne rahate

·

lie hathelee jaan, kasht saare ye sahate

·

kare n dushman ghaat, naheen ho bhang surakshaa

·

karate weer jawaan, isee hit seemaa rakshaa

·

praharee ye nij desh ke, sachche weer sapoot

·

nas-nas men inakee bharaa, jazbaa-josh akoot

·

jazbaa-josh akoot, akhandit inamen dekhaa

·

kisakee bhalaa majaal, ki laanghe lakshman rekhaa

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seemaa par sir taan,

सीमा रक्षा हित खड़े, सीना तान जवान।

अपने अपने देश का, इनको बड़ा गुमान।

इनको बड़ा गुमान, सदा चौकन्ने रहते

लिए हथेली जान, कष्ट सारे ये सहते।

करे न दुश्मन घात, नहीं हो भंग सुरक्षा

करते वीर जवान, इसी हित सीमा रक्षा।

प्रहरी ये निज देश के, सच्चे वीर सपूत।

नस-नस में इनकी भरा, जज़्बा-जोश अकूत।

जज़्बा-जोश अकूत, अखंडित इनमें देखा।

किसकी भला मजाल, कि लाँघे लक्ष्मण रेखा।

सीमा पर सिर तान,

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗