देखी सुंदर भोर dekhee sundar bhor देखी सुंदर भोर
दस्तक से पलकें खुलीं,देखी सुंदर भोर।
शीत खड़ी थी सामने,कुहरा था पुरजोर।
कुहरा था पुरजोर, धुआँ ही धुआँ बिछा था।
भूगत होकर सूर्य, न जाने कहाँ छिपा था।
रहे ताकते राह, न आया दिनकर जब तक
देखी सुंदर भोर, हुई कुहरे की दस्तक।
शीत खड़ी है द्वार पर, धर कुहरे का ताज।
ऋतु रानी का आज से होगा एकल राज।
होगा एकल राज, व्यर्थ है छिपकर रहना
स्वागत करिए मीत, "कल्पना" का है कहना।
मिले पूर्व संकेत, सुखद यह बात बड़ी है
धर कुहरे का ताज, द्वार पर शीत खड़ी है।
dastak se palaken khuleen,dekhee sundar bhor
sheet khadee thee saamane,kuharaa thaa purajor
kuharaa thaa purajor, dhuaan hee dhuaan bichaa thaa
bhoogat hokar soory, n jaane kahaan chipaa thaa
rahe taakate raah, n aayaa dinakar jab tak
dekhee sundar bhor, huee kuhare kee dastak
sheet khadee hai dvaar par, dhar kuhare kaa taaj
riitu raanee kaa aaj se hogaa ekal raaj
hogaa ekal raaj, wyarth hai chipakar rahanaa
svaagat karie meet, "kalpanaa" kaa hai kahanaa
mile poorv sanket, sukhad yah baat badee hai
dhar kuhare kaa taaj, dvaar par sheet khadee hai
दस्तक से पलकें खुलीं,देखी सुंदर भोर।
शीत खड़ी थी सामने,कुहरा था पुरजोर।
कुहरा था पुरजोर, धुआँ ही धुआँ बिछा था।
भूगत होकर सूर्य, न जाने कहाँ छिपा था।
रहे ताकते राह, न आया दिनकर जब तक
देखी सुंदर भोर, हुई कुहरे की दस्तक।
शीत खड़ी है द्वार पर, धर कुहरे का ताज।
ऋतु रानी का आज से होगा एकल राज।
होगा एकल राज, व्यर्थ है छिपकर रहना
स्वागत करिए मीत, "कल्पना" का है कहना।
मिले पूर्व संकेत, सुखद यह बात बड़ी है
धर कुहरे का ताज, द्वार पर शीत खड़ी है।