बाँसुरी में सुर न हो तो baansuree men sur n ho to बाँसुरी में सुर न हो तो
बाँसूरी
में सुर न हो तो
प्राण, धुन कैसे
बुनेंगे?
जो
हुए तरुवर पुराने
छोड़ना
निज स्थान होगा
पौध-नूतन-जन्म
से ही
सर्व
का उत्थान होगा
अंकुरण
फिर-फिर न हों तो
फल
सरस कैसे
उगेंगे?
सुर
कहें यदि श्रेष्ठ हम ही
राग
का अपमान है ये
जानकर
अंजान बनता
क्योंकि
मन, नादान है ये
रागिनी
में रस न हो तो
साज़
फिर कैसे
बजेंगे?
है
ज़रूरी आरियाँ जानें
सुई
भी कीमती
baansooree
men sur n ho to
praan, dhun kaise
bunenge?
jo
hue taruwar puraane
chodanaa
nij sthaan hogaa
paudh-nootan-janm
se hee
sarv
kaa utthaan hogaa
ankuran
phir-phir n hon to
phal
saras kaise
ugenge?
sur
kahen yadi shreshth ham hee
raag
kaa apamaan hai ye
jaanakar
anjaan banataa
kyonki
man, naadaan hai ye
raaginee
men ras n ho to
saaz
phir kaise
bajenge?
hai
zarooree aariyaan jaanen
suee
bhee keematee
बाँसूरी
में सुर न हो तो
प्राण, धुन कैसे
बुनेंगे?
जो
हुए तरुवर पुराने
छोड़ना
निज स्थान होगा
पौध-नूतन-जन्म
से ही
सर्व
का उत्थान होगा
अंकुरण
फिर-फिर न हों तो
फल
सरस कैसे
उगेंगे?
सुर
कहें यदि श्रेष्ठ हम ही
राग
का अपमान है ये
जानकर
अंजान बनता
क्योंकि
मन, नादान है ये
रागिनी
में रस न हो तो
साज़
फिर कैसे
बजेंगे?
है
ज़रूरी आरियाँ जानें
सुई
भी कीमती