कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना १०३ / २०५ № 103 of 205 रचना १०३ / २०५
३१ अगस्त २०१५ 31 August 2015 ३१ अगस्त २०१५

गर्व-गौरव सिन्धु, हिन्दी garv-gauraw sindhu, hindee गर्व-गौरव सिन्धु, हिन्दी

गंध-माटी

में बसी, माँ भारती की शान है।

॥

गर्व-गौरव

सिंधु हिन्दी, देश की पहचान है।

॥

भाव, रस,

छंदों से है, परिपूर्ण हिन्दी का सदन

॥

जिसपे

भारतवासियों को सर्वदा अभिमान है।

॥

थामती

ये हाथ हर भाषा का है कितनी उदार!

॥

मान

हिन्दी का किया जिसने, लिया सम्मान है।

॥

गैर

आए, बैर आए, टिक न पाए पैर पर

॥

मात

खा हर घात ने, वापस किया प्रस्थान है।

॥

छद्म-छल

क़ाबिज़ हुए, जड़ खोदने को बार-बार

॥

पर

मिटे हिन्दी की हस्ती, यह नहीं आसान है।

॥

बेल

अमर हिन्दी की ये,

बढ़ती रहेगी युग-युगों

॥

कंटकों

को काट जो, चढ़ती रही परवान है।

॥

चाहती

साहित्य-सरिता, हक़ से अपना पूर्ण हक़

॥

हर

दिशा में ज्यों बहे, हिन्दी का ये अरमान है।

॥

गौण

हैं अपने वतन में, किसलिए हिन्दी के गुण?

॥

जबकि

इसका विश्व सारा, कर रहा गुणगान है।

॥

जागते

रहना है ज्यों मुरझा न जाए फिर चमन

॥

‘कल्पना’ हिन्दी से ही गुलज़ार हिंदुस्तान है।

॥

-कल्पना रामानी

॥

प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

॥

-कल्पना रामानी

gandh-maatee

men basee, maan bhaaratee kee shaan hai

·

garv-gauraw

sindhu hindee, desh kee pahachaan hai

·

bhaaw, ras,

chandon se hai, paripoorn hindee kaa sadan

·

jisape

bhaaratawaasiyon ko sarvadaa abhimaan hai

·

thaamatee

ye haath har bhaashaa kaa hai kitanee udaar!

·

maan

hindee kaa kiyaa jisane, liyaa sammaan hai

·

gair

aae, bair aae, tik n paae pair par

·

maat

khaa har ghaat ne, waapas kiyaa prasthaan hai

·

chadm-chal

qaabiz hue, jad khodane ko baar-baar

·

par

mite hindee kee hastee, yah naheen aasaan hai

·

bel

amar hindee kee ye,

bढ़tee rahegee yug-yugon

·

kantakon

ko kaat jo, chढ़tee rahee parawaan hai

·

chaahatee

saahity-saritaa, haq se apanaa poorn haq

·

har

dishaa men jyon bahe, hindee kaa ye aramaan hai

·

gaun

hain apane watan men, kisalie hindee ke gun?

·

jabaki

isakaa wishv saaraa, kar rahaa gunagaan hai

·

jaagate

rahanaa hai jyon murajhaa n jaae phir chaman

·

‘kalpanaa’ hindee se hee gulazaar hindustaan hai

·

-kalpanaa raamaanee

·

protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

गंध-माटी

में बसी, माँ भारती की शान है।

॥

गर्व-गौरव

सिंधु हिन्दी, देश की पहचान है।

॥

भाव, रस,

छंदों से है, परिपूर्ण हिन्दी का सदन

॥

जिसपे

भारतवासियों को सर्वदा अभिमान है।

॥

थामती

ये हाथ हर भाषा का है कितनी उदार!

॥

मान

हिन्दी का किया जिसने, लिया सम्मान है।

॥

गैर

आए, बैर आए, टिक न पाए पैर पर

॥

मात

खा हर घात ने, वापस किया प्रस्थान है।

॥

छद्म-छल

क़ाबिज़ हुए, जड़ खोदने को बार-बार

॥

पर

मिटे हिन्दी की हस्ती, यह नहीं आसान है।

॥

बेल

अमर हिन्दी की ये,

बढ़ती रहेगी युग-युगों

॥

कंटकों

को काट जो, चढ़ती रही परवान है।

॥

चाहती

साहित्य-सरिता, हक़ से अपना पूर्ण हक़

॥

हर

दिशा में ज्यों बहे, हिन्दी का ये अरमान है।

॥

गौण

हैं अपने वतन में, किसलिए हिन्दी के गुण?

॥

जबकि

इसका विश्व सारा, कर रहा गुणगान है।

॥

जागते

रहना है ज्यों मुरझा न जाए फिर चमन

॥

‘कल्पना’ हिन्दी से ही गुलज़ार हिंदुस्तान है।

॥

-कल्पना रामानी

॥

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॥

-कल्पना रामानी

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗