हरेक बात पे सौ बार जब विचार करो harek baat pe sau baar jab wichaar karo हरेक बात पे सौ बार जब विचार करो
हरेक
बात पे सौ बार जब विचार करो
किसी
के वादे पे तब दोस्त! ऐतबार करो
ये
जान लो कि नकाबों में हैं छिपे धोखे
शकल
न देखके तीखी अकल की धार करो
जो
तुमपे जाँ भी लुटाने को हो सदा तत्पर
उसी
पे जान-ओ-जिगर अपना भी निसार करो
निभाओ
उनसे जो सदमित्र हैं सदा के लिए
कि
मित्रता की कभी पीठ पर न वार करो
अगर
न तूफां में तुम्हें साथ दे सके दीपक
जलाके
मन का दिया राह में उजार करो
धकेलने
को तुम्हें खाइयों में जग आतुर
जुगत के पुल से सभी खाइयों को पार करो
मनुष्य
हो, ये कभी “कल्पना” न भूलो तुम
मनुष्यता
से ही ऐ दोस्त! सच्चा प्यार करो
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी
harek
baat pe sau baar jab wichaar karo
kisee
ke waade pe tab dost! aitabaar karo
ye
jaan lo ki nakaabon men hain chipe dhokhe
shakal
n dekhake teekhee akal kee dhaar karo
jo
tumape jaan bhee lutaane ko ho sadaa tatpar
usee
pe jaan-o-jigar apanaa bhee nisaar karo
nibhaao
unase jo sadamitr hain sadaa ke lie
ki
mitrataa kee kabhee peeth par n waar karo
agar
n toophaan men tumhen saath de sake deepak
jalaake
man kaa diyaa raah men ujaar karo
dhakelane
ko tumhen khaaiyon men jag aatur
jugat ke pul se sabhee khaaiyon ko paar karo
manushy
ho, ye kabhee “kalpanaa” n bhoolo tum
manushyataa
se hee ai dost! sachchaa pyaar karo
-kalpanaa raamaanee
protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar
punah padhaarie
-kalpanaa raamaanee
हरेक
बात पे सौ बार जब विचार करो
किसी
के वादे पे तब दोस्त! ऐतबार करो
ये
जान लो कि नकाबों में हैं छिपे धोखे
शकल
न देखके तीखी अकल की धार करो
जो
तुमपे जाँ भी लुटाने को हो सदा तत्पर
उसी
पे जान-ओ-जिगर अपना भी निसार करो
निभाओ
उनसे जो सदमित्र हैं सदा के लिए
कि
मित्रता की कभी पीठ पर न वार करो
अगर
न तूफां में तुम्हें साथ दे सके दीपक
जलाके
मन का दिया राह में उजार करो
धकेलने
को तुम्हें खाइयों में जग आतुर
जुगत के पुल से सभी खाइयों को पार करो
मनुष्य
हो, ये कभी “कल्पना” न भूलो तुम
मनुष्यता
से ही ऐ दोस्त! सच्चा प्यार करो
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी